फर्श से अर्श तक

कोरोना के खतरे के बीच काम, ताकि बिना रुकावट मिले बिजली-पानी

ग्वालियर
कोरोना के खतरे के बीच जिस तरह से डॉक्टर, नर्स, पुलिस अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाने में जुटे हुए हैं, ठीक उसी तरह बिजली कर्मी भी लोगों को बिना किसी रुकावट के बिजली पहुंचाने के लिए खतरा मोल लेकर अपने काम में लगे हैं।

लाइनमैन सुरेश पाल गोल पहाड़िया के एक ट्रांसफॉर्मर के नजदीक डीओ टूट जाने पर उन्हें बांधने की कोशिश करते मिले। मुंह पर मास्क और हाथों में दस्ताने थे। वे बताते हैं कि फील्ड से लौटकर जैसे ही सब स्टेशन पहुंचते हैं तो साबुन से हाथ धोते हैं। इसी तरह गिरवाई सब स्टेशन में ऑपरेटर का काम करते हुए हर पल बिजली के लोड का आकलन कर रहे शिवानंद पांडे मुंह पर मास्क, हाथों में दस्ताने और टेबल पर सेनिटाइजर की शीशी रखकर काम कर रहे थे। वहीं लक्ष्मीगंज में पेड़ पर चढ़कर लाइन में आए फॉल्ट को ठीक करने का काम कर रहे मनोज रजक ने बताया कि वे हर पल मास्क मुंह पर लगाए रहते हैं। घर से कार्यस्थल तक आने में कई बार पुलिस रोक-टोक करती है, लेकिन अब बिजली कंपनी से कार्ड मिल गए हैं, जिसे दिखाने पर पुलिस कार्यस्थल तक आने देती है। लेकिन यहां आने के बाद एक-एक दिन में 20 से 25 कंप्लेंट पर सुधार कार्य करने फील्ड में दौड़ते हैं, लेकिन यह भी ख्याल रखते हैं कि दिन में कई बार हाथ भी धोना है या सेनिटाइज करना है। वे बताते हैं कि घर वाले चिंतित होते हैं तो उनको भी अपनी कुशलक्षेम का यकीन दिलाना पड़ता है। लेकिन काम तो करना होगा, आखिर हमारे जैसे लाइनमैनों, सब स्टेशन ऑपरेटरों और एई-जेई के ऊपर शहर के दो लाख 72 हजार उपभोक्ताओं को बिजली देने का दायित्व जो है।

 

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