मध्य प्रदेशराज्य

कोरोना पर सियासी संग्राम, संक्रमण फैलने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने

भोपाल
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना वायरस (Corona virus) को फैलने को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है. कांग्रेस ने आज एक ट्वीट के जरिए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस ने प्रदेश में कोरोना वायरस होने के पीछे ट्रांसफर को बड़ी वजह बताया है. कांग्रेस (Congress) ने अपने ट्वीट में जिन बिंदुओं का हवाला दिया है उसमें मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य आयुक्त और स्वास्थ्य संचालक के नया होना वजह बताया है. साथ ही कांग्रेस ने प्रदेश में स्वास्थ्य गृह और वित्त मंत्री के नहीं होने को भी बड़ी वजह बताया है. प्रदेश में कोरोना फैलने के पीछे कांग्रेस ने इन 8 बिंदुओं को बड़ी वजह बताया है.

कांग्रेस का कहना है कि जब प्रदेश में कोरोना अपना पैर पसार रहा था तब तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट बेंगलुरु में मौजूद थे और अपनी जिम्मेदारियों से बचते हुए वे रिसोर्ट का मजा ले रहे थे, जिसके कारण प्रदेश में इस तरीके के हालात बने हैं.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में कोरोना वायरस को नियंत्रण में लाने के लिए हुई देरी के पीछे तत्कालीन कमलनाथ सरकार को जिम्मेदार बताया था. शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद पर आखिरी समय तक बने रहने पर जो कदम उठाने थे वह नहीं उठाए गए और 23 मार्च से मुख्यमंत्री पद संभालते ही उन्होंने बड़े फैसले लेते हुए कोरोनावायरस को रोकने की पूरी तरीके से कोशिश की है.

कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. जीतू पटवारी के मुताबिक, प्रदेश सरकार आईफा पर खर्च होने वाले 700 करोड़ रुपए को रोना आपदा में खर्च करने की बात कर रही है. जबकि तत्कालीन सरकार ने आइफा के आयोजन को लेकर किसी तरीके का बजट का प्रावधान नहीं किया था. आईफा आयोजन समिति के द्वारा पूरा आयोजन होना था. ऐसे में 700 करोड़ की राशि को रोना की रोकथाम पर खर्च करने का सरकार का फैसला पूरी तरीके से सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वाला है.

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