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जमातियों की संख्या पर बीजेपी-कांग्रेस ने की हदें पार!, ट्विटर वॉर पहुंचा Shut Up तक

रायपुर
दो दिन पहले का वह वाक्य याद कर लीजिए जब सूबे के मुखिया भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने वैश्विक महामारी कोविड-19 (COVID-19) से लड़ने के लिए विपक्षी दल सहित अपने घोर विरोधी पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह (Former CM Bhupesh Baghel) को भी फोन कर इस गंभीर समस्या से लड़ने साथ मिलकर कार्य करने की अपील की थी. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तमाम अपील और कोशिश उस वक्त तार-तार हो गई जब छत्तीसगढ़ बीजेपी (BJP) और छत्तीसगढ़ कांग्रेस (Congress) ने ट्विटर पर जवाब प्रतिजवाब में सारी हदें पार कर दी. बीजेपी ने जहां तानाशाह दादी की संज्ञा दे डाली तो वहीं कांग्रेस ने सेटअप बीजेपी तक कह दिया. इतना ही नहीं दोनों के बीच ट्विटर वॉर ऐसा चला कि एक के बाद एक पोस्ट होते गए. कांग्रेस ने बीजेपी को बदतमीज कहा तो वहीं बीजेपी ने कांग्रेस को निक्कमों की फौज.

दरअसल बीजेपी-कांग्रेस बीच पूरी जंग जमातियों की संख्या को लेकर हुई. छत्तीसगढ़ में मरकज से लौटे जमातियों की संख्या पर पहले ही दिन से विरोधाभाष देखा जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भी बयानी आंकड़े आपस में मेल नहीं खाते. जब जमातियों को इतना बड़ा संकट बताया जा रहा है, फिर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के आंकड़े अलग-अलग होंगे तो मामला तो तूल पकड़ेगा ही!

जमातियों (Jamati) की संख्या और उनके गायब होने की चर्चाओं पर कोर्ट ने संज्ञान लिया और PIL स्वीकारते हुए  52 जमातियों को जल्द खोजने और जानकारी देने के आदेश दिए. इस पर सरकार की ओर से जमातियों की संख्या 107 बताई गई और यह भी बताया गया कि सभी के सभी 107 को क्वॉरेंटाइन किया गया है. सभी के सैंपल लिए गए हैं, जबकि स्वास्थ्य मंत्री ने अपने एक बयान में मरकज से लौटे जातियों की संख्या 160 के करीब बताई थी.

कोर्ट ने जैसे ही 52 जमातियों को खोजने के निर्देश दिए बीजेपी के पौ बारह हो गए. बीजेपी ने सीधे मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए पूरे मामले को "आपराधिक लापरवाही, जमातियों का तुष्टिकरण, जानकारी छुपाना, डींगें हांकने, असभ्य बयानबाजी" वाला बताते हुए कई गभीर सवाल पूछे.

बीजेपी के तीखे टिप्पणी से उद्वेलित कांग्रेस ने सीधे शब्दों में Shut up बीजेपी लिखा दिया. कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में लिखा "हम थोड़े से जनसेवा में व्यस्त क्या हुए आप तो एकदम बदतमीजी हो गए, Shut up BJP,  शर्म नहीं है. 15 साल की सरकार 15 सीट पर ले आS, फिर भी स्तरहीन भाषा और झूठ से बाज नहीं आ रहे हो.

कांग्रेस की तल्ख और Shut up वाले ट्वीट पर बीजेपी ने एक बार फिर पलटवार किया और AIIMS में जमाती मरीज द्वारा उत्पात मचाने के संदिग्ध मामले को लेकर तीखे शब्दों में सवाल किया. बीजेपी यहीं नहीं रुकी. बीजेपी ने एक और ट्वीट किया और किस किस को Shut up कहोगे लिखते हुए कोर्ट के निर्णय के आधार पर अखबार में छपी खबर की फोटो डाली.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एकजुट होकर एक साथ महामारी के खिलाफ लड़ने की अपील के चंद घंटे ही बीते थे कि ट्विटर पर बीजेपी-कांग्रेस न केवल भिड़ गई बल्कि कई तय मर्यादाओं को भी तार- तार कर दिया . कहते हैं राजनीति समाधान के लिए हो तो बेहतर होता है. मगर यहां तो समस्या पर राजनीति ही अपने आप में एक बड़ी समस्या बन गई है. ऐसे में गंभीर सवाल यह कि इस वैश्विक विपदा पर राजनीतिक दलों का इसी तरह से एक दूसरे को नीचा दिखाने कितने हद तक ठीक है.

राजनीति के जानकार और सूबे के वरिष्ठ पत्रकारों में शामिल बाबूलाल शर्मा कहते हैं कि मुख्यमंत्री भले ही उदारता दिखाते हुए विपक्ष की ओर मदद का हाथ बढ़ाया हो, मगर 15 सालों तक सत्ता करने वाली बीजेपी के मन से ऐठन तो रहेगी ही. 15 सालों का वनवास भोग कर सत्ता में लौटने वाली कांग्रेस के सिर से सत्ता का नशा इतनी जल्दी कैसे उतरेगा? इन तमाम जद्दोजहद में, राजनीतिक रस्साकशी में, एक दूसरे को नीचा दिखाने में नुकसान केवल और केवल आम जनों का ही हो रहा है. इस समय संकट से लड़ने  एकजुटता दिखानी चाहिए.

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