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पड़ोसियों से तंग ‘कोरोना हीरो’ बेचना चाहते हैं घर

शिवपुरी
अभी तक कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार की खबरें आ रही थीं। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में कोरोना को मात देकर घर लौटे एक इंजीनियर के साथ उनके पड़ोसी गलत व्यवहार कर रहे हैं। पड़ोसियों के व्यवहार से इंजीनियर दीपक शर्मा इतने तंग आ चुके हैं कि उन्होंने परिवार के साथ कॉलोनी छोड़ने का मन बना लिया है। दीपक ने अपने घर के बाहर यह मकान बिकाऊ है का बोर्ड लगा दिया है।

शिवपुरी के रहने वाले दीपक शर्मा पेशे से पेट्रोलियम इंजीनियर हैं। दुबई से लौटने के बाद दीपक शर्मा को 21 मार्च को कोरोना के लक्षण नजर आए थे। उसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी। 24 मार्च को रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। उसके बाद अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में उन्हें भर्ती करवाया गया है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद 4 अप्रैल को अस्पताल से छुट्टी हो गई।

होम क्वारंटीन में दीपक
अस्पताल से छुट्टी के बाद डॉक्टरों ने उन्हें होम क्वारंटीन में रहने को कहा है। लेकिन पड़ोसियों ने पूरे परिवार को परेशान कर दिया है। पड़ोसियों की हरकत से दीपक और उनके परिवार के लोग इतने तंग आ गए हैं कि उस मोहल्ले में उनका रहना मुश्किल हो गया है। पड़ोसी दूध और सब्जी वाले तक उनके घर के पास जाने से मना करते हैं। साथ ही परिवार का कोई सदस्य बाहर निकलता है तो ताना मारते हैं।

रात को गेट पर देते हैं धक्का
शिवपुरी के शिव कॉलोनी में रहने वाले दीपक शर्मा ने कहा कि पड़ोसियों ने हदें पार कर दी हैं। एक पड़ोसी का उदाहरण देते हुए, उन लोगों ने हमारे दूध वाले से कहा है कि उनकी मम्मी जिस रास्ते गुजरे, वहां से तुम मत जाना, तुम्हें भी कोरोना हो जाएगा। उनके कदम जहां पड़ेगा, वहां वायरस रहेगा। दीपक के घर की बर्तन मत छूना।

यह मकान बिकाऊ है
दीपक शर्मा कुछ पड़ोसियों के व्यवहार से इस कदर परेशान हो गए हैं कि परिवार के साथ इस मोहल्ले को ही छोड़ने का फैसला कर लिया है। अपने घर के बाहर यह मकान बिकाऊ है का बोर्ड लगा दिया है। दीपक ने बताया कि पड़ोसी जब इस तरह की शब्दों का प्रयोग करेंगे तो कोई व्यक्ति वहां कैसे रह पाएगा।

दूध और सब्जी वाले को भगा रहे
कोरोना को हराने वाले दीपक शर्मा के पिता ने कहा कि वे हमारे पड़ोसी दूध, सब्जी और पानी वाले को डराकर भगा दे रहे हैं। कुछ लोग तो गाली-गलौच भी करते हैं। दीपक के पिता ने कहा कि कुछ तो आकर रात में दरवाजा भी खटखटाते हैं। वे चाहते हैं कि हमलोग यहां से भाग जाएं।

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