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पीएम केयर्स फंड टैक्स वसूली का मामला नहीं, याचिका खारिज: सुप्रीम कोर्ट

 
नई दिल्ली 

 सुप्रीम कोर्ट ने पीएम केयर्स फंड को घोटाला बताने वाली याचिका खारिज कर दी है. सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील मनोहर लाल शर्मा को कोर्ट ने फटकार लगाई. मनोहर लाल शर्मा ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये याचिका पूरी तरह से गलत है. चीफ जस्टिस एस ए बोबडे ने कहा कि यह कोई टैक्स वसूली का मामला नहीं है. कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हम आपके ऊपर कॉस्ट भी लगा सकते हैं.

बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ देश में अलग-अलग मोर्चों पर जंग जारी है. इस चुनौती भरे समय में लोग मदद के लिए आगे आ सकें, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ‘PM-Cares Fund’ की शुरुआत की गई, जिसमें कई उद्योगपतियों से लेकर आम लोगों ने मदद दी.
 
याचिका में क्या कहा गया था
वकील एमएल शर्मा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पीएम केअर्स को लेकर दायर याचिका में कहा गया था कि इसका गठन बिना किसी अध्यादेश या फिर गैजेट के आधार पर हुआ, बस सरकार ने एक नोटिफिकेशन निकाला और प्रधानमंत्री ने लोगों से मदद मांग ली. याचिका में वकील ने इस ट्रस्ट के ट्रस्टी कौन हैं, इनकी जानकारी मांगी है और काम करने के तौर-तरीके के बारे में पूछा था. याचिका में मांग की गई है कि इसकी जांच कोर्ट की निगरानी में एक एसआईटी टीम करे.

शशि थरूर ने भी उठाए थे सवाल
कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने भी पीएम-केयर्स फंड की पारदर्शिता और खर्चों पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश को इस बारे में जवाब देना चाहिए. इस फंड में देश के उद्योगपतियों, खिलाड़ियों, अभिनेताओं और सामान्य जनता ने अरबों रुपये का योगदान दिया है. शशि थरूर ने कहा कि प्राइम मिनिस्टर नेशनल रिलीफ फंड (PMNRF) का नाम बदलकर ही PM-CARES क्यों नहीं कर दिया जाता है. इसके लिए अलग चैरिटेबल फंड बनाने की क्या जरूरत है, जिसके नियम और खर्चे पूरी तरह से अपारदर्शी हैं.
 

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