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लॉकडाउन में फंसे कई मजूदर, सूरजपुर कलेक्टर ने ऐसे सेलिब्रेट किया उनका बर्थडे

सूरजपुर
कोरोना वायरस (Corona Virus) की वजह से पूरे देश में डॉकडाउन (Lock down) किया गया है. ट्रेन और बस को भी रद्द कर दिया गया है. ऐसे में कई जगहों पर फंसे मजदूरों की दर्द की तस्वीरें खूब सामने आई. लेकिन छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सूरजपुर (Surajpur) जिले में दूसरे राज्य और जिले के फंसे मजदूरों तक जरूरी मदद पहुंचाने की कोशिश जिला प्रशासन लगातार कर रहा है. दरअसल, अचानक कोरोना महामारी का प्रकोप और लॉकडाउन के कारण सभी जिलों में काम करने वाले बाहरी मजदूर वहीं फंस गए. ऐसे में शासन स्तर से मजदूरों के रहने खाने के लिए पूरी व्यवस्था की जा रही है. सूरजपुर जिले में दूसरे राज्य और जिलों के 631 मजदूरों को जिले के अलग-अलग जगहों पर आश्रम बनाकर आश्रय दिया गया है. कलेक्टर दीपक सोनी ने प्रशासन को भी मजदूरों का ख्याल रखने के निर्देश दिए हैं.

कमलपुर और विश्रामपुर आश्रम में रह रहे मजदूरों को मास्क और उनके बच्चों को कपड़े बांटक कलेक्टर दिपक सोनी ने उनका जन्मदिन मनाया. कलेक्टर दिपक सोनी लगातार मजदूरों का निरीक्षण कर रहे हैं. वहीं विश्रामपुर में रुके मजदूरों के बच्चों को कलेक्टर ने खिलौने दिया. कमलपुर में रुके मजदूरों को मास्क और उनके बच्चों को कपड़े बांट और केक काटकर मजदूरों का जन्मदिन मनाया.

कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि कोविड 19 से लड़ाई के लिए सभी को एक जुट होना है. लॉकडाउन के साथ सोशल डिस्टेंसिग समेत मास्क और सभी नियमों का पालन करने के लिए लोगों को जागरुक करना चाहिए. दूरसे जिले के मजदूरों के मनोबल को मजबूत करने के लिए उनकी सुविधाओं की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को उठानी चाहिए. सभी का स्वास्थ्य परिक्षण कराया जा रहा है.

श्रम अधिकारी घनश्याम ने बताया कि सभी मजदूरों के परिजनों से फोन पर बात भी कराई जा रही है. साथ ही वहां के जिला प्रशासन से बात कर उनके परिवार को भी सुविधाएं दिलाई जा रही है. सूरजपुर में रुके मजदूरों का लगातार स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है.

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