मध्य प्रदेशराज्य

MP में 15 अप्रैल से ही होगी समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदारी, किसानों को SMS से मिलेगी खबर

भोपाल
कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण से सामने आई आपदा के बीच किसानों के मन में अब यह सवाल खड़ा होने लगा है कि आखिरकार उनकी फसल कैसे खरीदी जाएगी. इसी को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में रबी फसल उपार्जन को लेकर समीक्षा बैठक की. इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दिए. सीएम ने कहा है खरीदी 15 अप्रैल से शुरू की जाए और इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जाए.

खरीदी केंद्रों पर किसानों की भीड़ न लगे, इसके लिए नई व्यवस्था पर अमल किया जाएगा. सरकार ने तय किया है कि वो किसानों को एसएमएस के जरिए उसकी फलस खरीदने की तारीख और समय की सूचना भेजी जाए, ताकि किसान तय समय पर आएं और फसल बेचकर चले जाएं. एक दिन में केवल 10 से 12 किसानों से ही खरीदी की जाएगी. किसानों को यह भी सहूलियत दी जाएगी कि वो सौदा पत्रक के जरिए व्यापारियों को सीधे अपना अनाज समर्थन मूल्य पर भेज सकें. इसके अलावा आईटीसी के खरीद केंद्रों पर भी किसान अपनी उपज भेज सकेंगे. हालांकि, कोरोना के प्रभाव को देखते हुए यह तय किया गया है कि इंदौर उज्जैन और भोपाल के शहरी खरीद केंद्रों पर उपार्जन नहीं किया जाएगा.

कोरोना की वर्तमान परिस्थितियों के कारण इस बार किसानों को यह सुविधा दी जा रही है कि वे 'सौदा पत्रक' के माध्यम से भी व्यापारियों को सीधे अपना अनाज समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे.प्रदेश में यह व्यवस्था 2009 तक चली थी. बाद में इसे बंद कर दिया गया था. इसके अलावा किसान आई.टी.सी. के खरीदी केंद्रों पर भी अपनी उपज बेच सकेंगे.

बैठक में तय किया गया कि समर्थन मूल्य पर चना, मसूर, सरसों की खरीदी के लिए मंडियों के बाहर बीते साल के अनुसार इस साल भी खरीदी केन्द्र बनाए जा रहे हैं. इन केंद्रों की संख्या 790 है लगभग 8 लाख मीट्रिक टन अनाजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी संभावित है.

मुख्यमंत्री शिवराज ने निर्देश दिए हैं कि किसानों से समर्थन मूल्य पर उनका अनाज खरीदने के लिए खरीदी केंद्रों पर बारदाना तुलाई, लदाई, अनाज के परिवहन, भंडारण आदि की सभी व्यवस्था बेहतर हों. किसानों को किसी भी बात के लिए परेशान ना होना पड़े. कोरोना संकट के कारण विशेष सतर्कता बरती जाए.

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