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क्वारंटीन पीरियड पूरा, मरकज के मौलाना साद अब भी क्यों नहीं आ रहे सामने?

 नई दिल्ली
तबलीगी जमात के मुखिया मौलाना मोहम्मद साद का क्वारंटीन पीरियड खत्म हो चुका है। मरकज से 28-29 की रात को उनके निकल जाने की खबर थी इसलिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को मौलाना के सामने आने का इंतजार है। जांच एजेंसी को मरकज के बैंक अकाउंट्स की डीटेल, इनकम टैक्स रिटर्न और 1 मार्च के बाद आए जमातियों का लेखा-जोखा हासिल करना है। इससे पहले तबलीगी मरकज (Nizamuddin Markaz) के मुखिया मौलाना मोहम्मद साद (Tablighi Jamaat Maulana Saad) की लोकेशन ओखला इलाके के जाकिर नगर बताई जा रही थी।

फिलहाल सबसे अहम देशभर में फैले जमातियों को खोजना जरूरी हैं। इनमें कई के कोरोना पीड़ित होने की आशंका है, जो वायरस को फैला सकते हैं। मौलाना के करीबियों का दावा है कि एफआईआर में दर्ज धाराएं जमानती हैं। ऐसे में क्राइम ब्रांच के बुलाने पर साद तफ्तीश में शामिल हो जाएंगे। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि निजामुद्दीन मरकज के आसपास सक्रिय रहे मोबाइल नंबरों के डंप डेटा के जरिए जमातियों की पहचान की जा रही है।
 
राजधानी में अब तक लोकल पुलिस और खुफिया इनपुट के आधार पर करीब बड़ी तादाद में जमातियों को ढूंढा गया है। इन्हें अलग-अलग जगह पर बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों में भेजा गया है। सूत्रों का कहना है कि अभी कई जमाती स्थानीय लोगों के घरों में भी हो सकते हैं। ऐसे में उनकी खोज करना बेहद जरूरी है। पुलिस के एक आला अफसर ने बताया कि डंप डेटा में हासिल नंबरों में कई फोन बंद चल रहे हैं इसलिए उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगालकर उन नंबरों पर बात की जा रही है, जिनके संपर्क में ये लोग ज्यादा रहते थे। इसके जरिए इधर-उधर घूम रहे जमातियों को ढूंढने में मदद मिलेगी।

राजधानी के क्वारंटीन होम में फिलहाल 2400 से ज्यादा जमाती रखे गए हैं, जिनमें 746 कोरोना पॉजिटिव बताए गए हैं। अभी कई जमातियों की रिपोर्ट आनी बाकी है। क्राइम ब्रांच ने सोमवार को मरकज से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ की। हालांकि अभी तक की तफ्तीश में कुछ खास हाथ में नहीं आया है। मौलाना साद समेत सात लोगों के खिलाफ 31 मार्च को नामजद मुकदमा किया गया था। इसके बाद मौलाना को जांच एजेंसी उन्हें नोटिस कर चुकी है, जिसके जवाब में क्वारंटीन होने और मरकज बंद होने की बात कह चुके हैं।
 

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