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राहत दूत बनीं एयरलाइंस, 7 लाख किमी उड़ान भरकर पहुंचाया 4300 टन माल

नई दिल्ली

कोरोना और लॉकडाउन के मद्देनजर जब जेश में यात्री फ्लाइट नहीं चल रही हैं, भारतीय एयरलाइंस इस जंग में अपना योगदान दे रही हैं. भारतीय एयरलाइंस ने लॉकडाउन के बाद 626 उड़ानों के द्वारा देश—विदेश की 7 लाख किमी तक यात्रा कर 4300 टन कार्गो पहुंचाया है.

ये एयरलाइंस हैं आगे

इनमें दवाएं और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं. कार्गो उड़ानें संचालित करने वाले एयरलाइंस में एअर इंडिया, स्पाइसजेट, इंडिगो, गोएयर, एयर एशिया और ब्लू डार्ट शामिल हैं.

इन उड़ानों के द्वारा मास्क, ग्लव्स और अन्य जरूरी सामान पहुंचाए गए. इनमें सरकार द्वारा भेजी गई मुफ्त दवाएं भी शामिल थीं. ऐसी 214 कार्गो उड़ानों के द्वारा देश के सुदूर इलाकों में दवाओं की आपूर्ति की गई. एअर इंडिया और उसकी सहायक कंपनी अलायंस एअर ने ऐसी 128 उड़ानों का संचालन किया और लाइफलाइन उड़ान स्कीम के तहत 2 लाख किमी को कवर किया.

निजी एयरलाइंस स्पाइसजेट ने 4 लाख किमी को कवर करते हुए 286 उड़ानें संचालित कीं, इनमें 87 इंटरनेशनल फ्लाइट भी थी. इसी तरह, इंडिगो ने करीब 22 हजार किमी को कवर करते हुए 25 कार्गो उड़ानों का संचालन किया और 21.77 टन माल पहुंचाया.

नाग​र विमानन मंत्रालय (MoCA) ने लाइफलाइन उड़ान के तहत ऐसी 214 विशेष उड़ानों का संचालन किया.ब्लू डार्ट ने 94 घरेलू कार्गो फ्लाइट का संचालन कर 92,075 किमी कवर किया और 1,479 टन माल पहुंचाया.

लॉकडाउन की वजह से बंद है एयर ट्रैफिक

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने गत 24 मार्च को 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था जो 25 मार्च से 14 अप्रैल तक लागू है. इस दौरान उड़ानें, ट्रेन, बस, सभी तरह के ट्रांसपोर्ट बंद रहे. अब आज यानी 14 अप्रैल को पीएम मोदी ने इसे बढ़ाकर 3 मई तक करने का ऐलान किया है.

इससे एयरलाइंस को भारी नुकसान हो रहा है. लेकिन देश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप की वजह से सरकार के पास और कोई रास्ता भी नहीं है. संपूर्ण लॉकडाउन के बावजूद कोरोना वायरस देश में अपना व्यापक असर दिखा रहा है. अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 10,363 पहुंच गई है. जबकि 339 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

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