बिज़नेस

लॉकडाउन में बदला ऑफिस टाइम, बन गया शॉपिंग टाइम

मुंबई 
लॉकडाउन और उसके साथ वर्क फ्रॉम होम (WFH) ने लोगों का शॉपिंग करने का तरीके भी बदल दिया है। ऑफिस का काम करने का समय अब शॉपिंग टाइम में बदल रहा है। ऑनलाइन और ऑफलाइन ट्रांजैक्शन देखने वाली कंपनियों ने जो आंकड़े साझा किए हैं, उसके मुताबिक जरूरी चीजों की खरीदारी खासतौर से ऑफिस टाइम में अधिक हो रही है। वहीं शॉपिंग के लिहाज से व्यस्त समय माने जाने वाले वीकेंड में बिक्री काफी हद तक फ्लैट रह रही है। ये आंकड़े बताते हैं कि घर से काम कर रहे लोग अब अलग दिनचर्या अपना रहे हैं। 

ऑफिस टाइम में शॉपिंग 
पॉइंट ऑफ सेल्स (PoS) लगाने वाली प्रमुख कंपनी इनोविटी के सीईओ राजीव अग्रवाल ने बताया, 'रिटेल स्टोरों पर देर शाम होने वाली बिक्री में अहम गिरावट आई है और इसकी जगह लंच के बाद या शाम के समय में खरीदारी बढ़ गई है।' इनोविटी ने करीब 3,000 किराना दुकानों पर PoS लगाए हैं। मार्च के चौथे हफ्ते में इन दुकानों पर अधिकतर खरीदारी सुबह 10 से शाम 7 के बीच हुई, जिसे आमतौर पर ऑफिस में काम करने का समय का माना जाता है। फरवरी के पहले हफ्ते में यह आंकड़ा 57 पर्सेंट था। 

लॉकडाउन के बाद वीकेंड शॉपिंग घटी 
मार्च में इन दुकानों पर सिर्फ 9 पर्सेंट खरीदारी शाम 7 बजे के बाद हुई, जबकि फरवरी में यह आंकड़ा 37 पर्सेंट था। लॉकडाउन से पहले इन स्टोर्स पर बाकी दिनों के मुकाबले शनिवार-रविवार को 150% से 180% तक अधिक खरीदारी होती थी, लेकिन लॉकडाउन के बाद यह आंकड़ा 75 से 100 पर्सेंट के बीच आ गया है। बैंकों को पेमेंट सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली कंपनी FSS के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर के श्रीनिवासन ने बताया, 'कई इलाकों में दुकानें समय से पहले बंद होने के चलते भी ग्राहकों को खरीदारी का तरीका बदलना पड़ा है।' 

औसत बिल में इजाफा 
वहीं लॉकडाउन के बाद ग्राहकों के औसत बिल में इजाफा हुआ है, जो जमाखोरी का संकेत दे रहा है। फोनपे के एक प्रवक्ता ने बताया, 'लॉकडाउन के दौरान ग्रॉसरी और दवाइयों जैसी जरूरी चीजों के औसत बिल साइज में 75 पर्सेंट से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। रिचार्ज और डीटीएच कैटिगरी में ट्रांजैक्शन 50 पर्सेंट तक बढ़े हैं। यह भी एक दिलचस्प ट्रेंड है कि यूजर्स सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि अपने परिवार और दोस्तों के लिए भी रिचार्ज कर रहे हैं।' ऑनलाइन यूटिलिटी बिलर्स ने भी शॉपिंग के इस नए ट्रेंड पर सहमति जताई है। XPay.Life के सीईओ रोहित कुमार ने बताया, 'इस तरह के अधिकतर ट्रांजैक्शन लंच टाइम के पहले और शाम के समय में हो रहे हैं।' 

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