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कोरोना काल और लॉकडाउन में वित्तीय संकट से बचने के 8 उपाय

 नई दिल्ली 
कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए संपूर्ण लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ दिया गया है। लॉकडाउन में अधिकतर कर्मचारियों को वेतन कटौती का सामना करना पड़ रहा है। यह सभी के लिए एक कठिन समय है और परिस्थितियां हमारे नियंत्रण से बाहर। सैलरी में कटौती से निश्चित तौर पर हमारा जीवन बहुत प्रभावित होता है, लेकिन यदि हम कुछ खास बातों का ध्यान रखें और अच्छी प्लानिंग करें तो इस दर्द को कम कर सकते हैं। वित्तीय विशेषज्ञ मणिकरण सिंगल बताते हैं कि दुनिया में 100 साल बाद इतना बड़ा वित्तीय संकट आया है। इससे बचने के लिए हर उम्र के लोग कम से कम छह माह खर्च के बराबर का इमरजेंसी फंड जरूर बना लें।
 

इस वित्तीय संकट में सबसे पहले पैसे को बहुत सावधानी से खर्च करें। अपनी नौकरी जाने की संभावना से इनकार न करें। खर्च कम से कम करें और फिजूल खर्च को बिल्कुल रोकें।
 आने वाले दिनों में संभावित बेरोजगारी की अवधि के लिए मानसिक रूप से तैयारी करें। नौकरी के अवसर नहीं होने पर भी शांत रखने और बेहतर करने के लिए खुद को तैयार रखें।
 दोस्तों और रिश्तेदारों से भी उधार न लें। क्रेडिट कार्ड का उपयोग न करें। क्रेडिट कार्र्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो बिल का पूरा भुगतान करें। संकट के समाप्त होने तक डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करें।
 यह मान लें कि इस संकट के समाप्त होने के बाद सब कुछ अच्छा हो जाएगा यह संभव नहीं है। घटनाएं होने के बाद लोग भूल जाते हैं लेकिन उसका असर लंबा चलता है। इसलिए आप अभी से इसके असर को छोटी अवधि के लिए नहीं बल्कि लंबी अवधि का मानकर चलें।
 अपने लक्ष्य और अपने काम पर सवाल उठाते रहें। आपकी प्रासंगिकता ही आपको दुनिया में मौका दिलाने का काम करती है। इसलिए इस मौके का फायदा उठाकर आप बाजार में मांग के अनुरूप अपने को बनाने की कोशिश शुरू कर दें।
 अपनी आंखों और कानों को नए अवसरों के लिए खुला रखें। आप पहले से जो कर रहे हैं उसके अलावा भी कमाई करने के लिए नया विकल्प ढूढ़ें। अगर आप केवल इस बात पर ध्यान केंद्रित करते हैं कि वर्तमान में क्या करते हैं, तो आप नए अवसर को खो देंगे।
 जरूरत पड़ने पर उन परिसंपत्तियों की एक सूची बनाएं जिन्हें आप बेच कर पैसा जुटा सकते हैं, भले ही वह कीमती सामान क्यों न हो। सामान बेचने की चिंता न करें क्योंकि समय अच्छा होने पर आप खरीद सकते हैं।
 अगर ईएमआई का भुगतान करना है तो इसके लिए नया कर्ज लेने की बजाय रिटायरमेंट फंड या दूसरी बचत से रकम निकालना बेहतर होगा। आमदनी नहीं होने पर नया कर्ज लेने से आप फंसते जाते हैं।
 

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