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कोरोना से लड़ाई में केंद्र ने कसी और कमर, तैयार की तीन स्तरीय व्यवस्था

नई दिल्ली                                                                                
सरकार ने कोविड-19 से मुकाबले के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था तैयार की है। इसके लिए अस्पतालों को केयर सेंटर, ऑक्सीजन बेड और वेंटीलेटर बेड में विभाजित किया गया है। इन्हें एम्बुलेंस के जरिए आपस में जोड़ा गया है। मरीजों की गंभीरता के हिसाब से उन्हें उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

कोविड के सभी मरीज गंभीर नहीं होते। इसके 80 फीसदी मरीजों में सामान्य लक्षण पाए जाते हैं। वहीं 15 फीसदी को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है जबकि 5 फीसदी को वेंटीलेटर की जरूरत पड़ती है। देश भर में 656 अस्पताल ऐसे हैं जो सिर्फ कोविड रोगियों के लिए आरक्षित हैं। इनमें एक लाख से अधिक बेड है। 

वहीं, देश में दो लाख से अधिक लोगों को क्वारंटाइन करने की सुविधा हो चुकी है। देश में कुल 20 हजार वेंटीलेटर ही उपलब्ध थे। सरकार के पास 3.26 करोड़ क्लोरोक्वीन की टेबलेट भी उपलब्ध हैं। आईसीएमआर, एम्स ने मिलकर उपचार के प्रोटोकाल भी तैयार किए हैं। 

'अधिसूचित दवाओं की बिक्री बिना पर्ची के न हो' 

केंद्र सरकार के औषध विभाग को संक्रमण के मद्देनजर कई दवाओं की उपलब्धता को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इसको लेकर विभाग ने उच्च स्तर पर समीक्षा बैठक की। विभाग ने ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (एआईओसीडी) को कहा कि वे सुनिश्चित करें कि जिन दवाओं की बिक्री डॉक्टर की पर्ची के आधार पर होती है, उन्हें बिना पर्ची नहीं बेचा जाए। क्लोरोक्वीन आदि दवाओं के मामले में इस प्रकार की शिकायतें आ रही थीं। औषध विभाग के सचिव डॉ. पीडी. वाघेला की अध्यक्षता में सोमवार को उद्योग जगत के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई।

देश में अब तक कितने कोरोना पॉजिटिव?

भारत में विदेशी नागरिकों सहित कोरोना वायरस महामारी से संक्रमित होने वालों की संख्या मंगलवार  को बढ़कर 10815 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। मंत्रालय ने मंगलवार को जारी आंकड़ों में कहा कि देश में कोविड-19 संक्रमण के चलते 353 मौतें हुई हैं। वहीं, पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1463 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 29 लोगों को इस वायरस की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी है और 179 लोग स्वस्थ हुए हैं। और अब तक कुल 1190 (1 माइग्रेटेड) मरीज इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं।

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