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कोर्ट में वीडियो कांन्फ्रेसिंग के जरिये होगी सुनवाई, वकीलों के लिए गाइडलाइन जारी

भागलपुर 
भागलपुर कोर्ट में जमानत समेत अन्य अन्य बिंदुओं पर बुधवार को वीडियो कांन्फ्रेसिंग के जरिये सुनवाई होगी। ई-कोर्ट एप के सहारे अधिवक्ता केस की फाइल करेंगे। जिला जज अरविंद कुमार पांडे ने डीबीए के अधिकारियों के साथ बैठक कर एप समेत वीडियो कांन्फ्रेसिंग से सुनवाई का ट्रायल किया। इस दौरान बीएसएन के जीएम एवं टेक्नीशियन मौजूद थे। 
 
संघ के महासचिव संजय कुमार मोदी ने कहा कि जिला जज से कोर्ट की कार्रवाई को लेकर लंबी बातचीत हुई। संघ के अध्यक्ष अभयकांत झा भी मौजूद थे। कहा बुधवार से कोर्ट में महत्वपूर्ण मामले जमानत, अग्रिम जमानत और इंजेक्शन जैसे मामले की सुनवाई होगी। सुबह 7:30 से 9:30 तक केस का ई-फालिंग किया जाएगा। उसके बाद वीडियो कांन्फ्रेसिंग के जरिये सुनवाई होगी। अधिवक्ता घर से भी फाइलिंग और बहस में भाग ले सकते हैं लेकिन जिनके पास लैपटॉप या एन्ड्राइड मोबाइल नहीं हैं। वैसे अधिवक्ता डीबीए कार्यालय या कोर्ट के कमरा नंबर 23 में केस की फाइल कर सकते हैं। 

उन्होंने कहा कि बिना काम के अधिवक्ता कोर्ट नहीं आए लेकिन जिनके पास काम है। वे मास्क लगाकर यूनिफार्म में आएंगे। डीबीए में बिना काम के अधिवक्ता को प्रवेश नहीं मिलेगा। कोर्ट में केस से जुड़े सर्टिफाइड कांपी के साथ फ्रेकिंग की व्यवस्था नहीं की गई है। स्टाम्प नहीं मिलने पर डीबीए का मुहर मान्य होगा। कोर्ट आने वाले अधिवक्ता सरकार के गाइड लाइन के साथ सामाजिक दूरी बनाकर रहेंगे। 

कोर्ट की कार्रवाई में अधिवक्ता ऐसे लें भाग
कम्प्यूटर या लैपटॉप से Google में लिखे VIDYO  DESKTOP में सामने लिंक https://nknvc.nic.in/download.html?lang=en पर क्लीक करना है। उसके बाद (2) VIDYO DESKTOP से सॉफ्टवेयर डाउन लोड एवं Install करना है। (3) कांन्फ्रेस connect के लिए के लिए link यूजर्स के मेल पर आएगा, उसपर क्लीक करना है। उसके बाद अपना नाम व पदनाम लिखने के बाद स्वत: आप जुड़ जाएंगे।

अगर अधिवक्ताओं को एन्ड्राइड मोबाइल से जुड़ना है तो प्ले स्टोर में VIDYO DESKTOP and Install करें, उसके बाद अपने मेल पर आए लिंक पर क्लीक करें। अपना नाम और पदनाम लिखने पर आप जुड़ जाएंगे। केस फाइल करने के लिए अधिवक्ता पहले अपने सारे पेपर का स्कैन कर एक पीडीएफ फाइल तैयार कर लें। उसके बाद civilcourtbhagalpur@gmail.com पर मेल कर दें। इसी विधा से अधिवक्ता कोर्ट की कार्रवाई में भाग ले सके हैं। 
 

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