मध्य प्रदेशराज्य

गैस पीड़ितों को बड़ी राहत, BMHRC को COVID-19 सेंटर बनाने के निर्णय को सरकार ने लिया वापस

भोपाल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में BMHRC एक मात्र ऐसा सरकारी हॉस्पिटल है जहां गैस त्रासदी के मरीजों का इलाज किया जाता है. गैस त्रासदी के मरीजों के लिए ये अस्पताल किसी वरदान से कम नहीं माना जाता लेकिन शासन के एक निर्णय से गैस पीड़ितों ने अपना चैन खो दिया. सरकार ने 24 मार्च को ये निर्णय लिया की प्रदेश सरकार भोपाल मेमोरियल अस्पताल को राज्य स्तरीय COVID-19 उपचार संस्थान बनाएगी. अस्पताल में सिर्फ कोविड-19 के मरीजों का ही उपचार किया जाएगा. शासन के इस निर्णय के बाद तत्काल रूप से पूरे अस्पताल को खाली करा दिया गया. 24 मार्च के पहले तक यहां गैस त्रासदी के पीड़ितों का इलाज होता था.

लोक सवास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई ने आदेश जारी किया है. इस आदेश के अनुसार BMHRC को COVID-19 के मरीजों के उपचार के लिए तुरंत प्रभाव से बहाल कर दिया गया है. गैस पीड़ित संगठनों ने सरकार से ये गुहार लगाई थी की BMHRC को कोरोना राज्य केन्द्र ना बनाया जाए क्योंकि ऐसा करने से गैस पीड़ितों को काफी असुविधा होगी. रोजाना इलाज करा रहे गैस त्रासदी के मरीजों के लिए भोपाल मेमोरियल अस्पताल उनकी जिंदगी के लिए एक वरदान जैसा है, जिसका अगर स्वरूप बदल दिया गया तो कई जिंदगियां खतरे में पड़ सकती हैं. गैस पीड़ित संगठन ने हाईकोर्ट में मामले को लेकर याचिका दायर की थी.मामले को लेकर कई गैस पीड़ित संगठनों ने मामले पर एकजुटता के साथ आवाज उठाई. मामला हाई कोर्ट तक गया तो हाई कोर्ट के नोटिस के बाद राज्य सरकार ने यू टर्न लेकर आडर जारी कर दिए की COVID-19 मरीजों के लिए अस्पताल का अधिग्रहण रद्द किया जाता है.

गैस संगठनों को उम्मीद है की जल्द BMHRC की सारी OPD, IPD के साथ इमरजेंसी सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी. गैस पीड़ितों की मानें तो जिला प्रशासन का ये फैसला उनके लिए स्वागत योग्य है क्योंकि उन्होंने इस बात की महत्वता समझी है कि COVID-19 संक्रमण के चलते गैस पीड़ितों पर विशेष ध्यान देने की बहुत आवश्यकता है. गैस पीड़ितों की मांग है कि भोपाल मेमोरियल अस्पताल को मरीजों के फेफड़े, हृदय, किडनी, कैंसर, टीबी, हाई ब्लड प्रेशर इत्यादि के पंजीकृत मरीजों के साथ तुरंत सम्पर्क कर उनकी जांच करें और उनकी COVID-19 की टेस्टिंग सुनिश्चित कराए. उच्च न्यायालय में इस महत्वपूर्ण मामले का संज्ञान लेते हुए, राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और 21 अप्रैल को अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा है. गौरतलब है की COVID-19 के कारण ही भोपाल के पांचों मृत्कों की मौत हुई जो गैस त्रासदी के पीड़ित भी थे.

सरकार से गैस पीड़ित संगठन की मांग ये भी है की सभी गैस पीड़ित मृतकों को 50 लाख की राहत राशि दी जाए. जिन गैस पीड़ितों का उपचार में प्राइवेट अस्पतालों में पैसे खर्च हुए है, उस खर्च का भी भुगतान सरकार की ओर से जल्द किया जाए. गौरतलब है की 24 मार्च से BMHRC की सुविधाए बंद होने से इलाज के अभाव में 4 गैस पीड़ितों की मृत्यु हो चुकी है.राजधानी में COVID-19 की वजह से खत्म होने वाले 5 व्यक्ति भी गैस पीड़ित थे और इनकी मौत भी सही समय से इलाज नहीं मिलने की वजह से हुई.

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