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जांच के लिए अब पूल टेस्ट की तैयारी, एक किट में ले सकेंगे 5 टेस्टिंग सैंपल

रायपुर
कोरोना (Corona Virus) का कहर धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है. एहतियातन लॉकडाउन-टू (Lock down) की घोषणा कर दी गई है. फिर भी आंकड़े बता रहे है कि कोरोना पीड़ितों (COVID-19) की संख्या काफी तेजी से बढ़ते जा रही है. बात अगर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की ही करे तो यहां कोरोना पीड़ितों का आकड़ा बढ़कर 33 हो गया है, जिसमें से 25 तो खाली कोरबा जिले के ही हैं. दरअसर छत्तीसगढ़ में कोरोना पीड़ितों की संख्या और जांच को लेकर कई तरह के विरोधाभाष हैं. खुद सूबे के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव कह चुके हैं कि पौने तीन करोड़ की आबादी में महज चार हजार लोगों की ही जांच हुई है, जबकि होम होम क्वारंटाइन में रहने वालों की संख्या 75 हजार के करीब है.

ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने के सामने जांच में तेजी को लेकर एक बड़ी चुनौती है. यह चुनौती तब और अधिक बढ़ गई जब तथाकथित तकनीकी कारण से रेपिड टेस्ट किट का टेंडर निरस्त कर दिया गया. ऐसे में व्यापक स्तर पर जांच कैसे होगी, यह सवाल लगातार जिम्मेदारों को घेरे हुए है. आखिरकार इन सवालों का जवाब स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की तरफ से आ ही गया. टीएस सिंहदेव ने ट्वीट कर जानकारी दी कि अब प्रदेश में "पूल टेस्ट होंगे" जिससे किट सहित समय की बचत होगी और जांच में भी तेजी आएगी.

पूल टेस्ट का आशय एक जांच किट में एक साथ पांच संदिग्धों की जांच से है. इस टेस्ट के जरिए एक साथ पांच संदिग्धों का सैंपल लिया जाता है और एक ही किट से जांच की जाती है. फिर तय समय में रिपोर्ट पॉजिटिव या नेगेटिव आ जाता है. इस तरीके से जांच होने पर एक साथ पांच संदिग्धों की जांच रिपोर्ट आती है. यानी की एक संदिग्ध की जांच में जितना समय लगता है उतने ही समय में अब पांच संदिग्धों की जांच की जाएगी.

पूल टेस्ट में यह सवाल लाजमी है कि आखिरकार जिस ग्रुप का रिपोर्ट पॉजिटिव आएगा यह कैसे पता चलेगा कि पांच में किस संदिग्ध को कोरोना है. दरअसल व्यवस्था कुछ इस तरह से है कि जिस ग्रुप का रिपोर्ट पॉजिटिव आएगा उस ग्रुप के प्रत्येक सदस्य का अलग से टेस्ट कर पता किया जाएगा कि किसे पॉजिटिव है और किसे नेगेटिव. तरीके से पॉजिटिव सहित नेगेटिव रिपोर्ट भी जल्द से जल्द प्राप्त होगी.

कोरोना काल में छत्तीसगढ़ जरूर 28 में से महज 05 जिलों तक कोरोना को समेट कर अपनी पीठ थपथपा रहा होगा, मगह जमीनी सच्चाई यह है कि सरकार के आकड़ों के अनुसार 14 अप्रैल शाम 5 बजे की स्थिति में 75837 लोग होम क्वांरटिन पर रह रहे हैं. जबकि जांच का आकड़ा महज 4821 है. जांच की यह सुस्त गति भविष्य में संकट की ओर ईशारा कर रही है.

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