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हर घर अन्न, गोरखपुर मॉडल अपनाएगा केंद्र!

गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में लॉकडाउन के दौरान आवश्यक आपूर्ति बहुत ही प्रभावी ढंग से हो रही है। यहां पर लोग अपने घरों में हैं और उन तक सभी आवश्यक वस्तुएं पहुंच रही हैं। लोग संतुष्ट हैं। जिले के इस मॉडल की सूचना केंद्र तक पहुंची है और अब केंद्र ने जिला प्रशासन से संपर्क किया है। जिला प्रशासन से इसे बड़े पैमाने पर लागू करने के इरादे से सिस्टम मांगा गया है।

एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल ने लॉकडाउन पर प्रतिक्रिया एकत्र करने के लिए डिलीवरी पोर्टल विकसित किया है। केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें फोन किया और उनसे बहुत प्रभावित हुए।

प्रजेंटेशन बनाने को कहा गया
2017 बैच के आईएएस अधिकारी गौरव सिंह ने बताया, 'लॉकडाउन में हमारी ओर से उठाए गए कदम के बारे में भारत सरकार के एक बड़े अधिकारी ने फोन पर जानकारी ली। जब मैंने उन्हें ऑनलाइन डिलीवरी सिस्टम के बारे में बताया, तो उन्होंने मुझे एक प्रजेंटेशन तैयार करने के लिए कहा, ताकि उपयुक्त पाए जाने पर इसे अन्य जगहों पर भी लागू किया जा सके।'

अब तक 2 लाख से ज्यादा ऑर्डर की हो चुकी है डिलीवरी
एसडीएम ने बताया, 'हमने गोरखपुर को आठ क्षेत्रों में विभाजित किया है और इसमें 1,400 दुकानें, थोक व्यापारी और नौ ऑनलाइन पोर्टल शामिल हैं, जो आवश्यक वस्तुओं की सुचारू वितरण के लिए हैं। पोर्टल्स के डिलीवरी स्टाफ के अलावा, हमने डिलीवरी के लिए लगभग 1,000 लोगों को काम पर रखा है, जिन्हें दुकानों और पोर्टल्स द्वारा भुगतान किया जा रहा है। हमने फेसबुक पर सभी विवरण पोस्ट करके ऑनलाइन वितरण प्रणाली के बारे में जागरूकता फैलाई।'

वॉट्सऐप या वेबसाइट पर होते हैं ऑर्डर
एसडीएम ने बताया कि लोग वॉट्सऐप पर मेसेज भेज सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान और नकद भुगतान के विकल्प के साथ सीधे वेबसाइट पर भी ऑर्डर कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में बहुत फोन आने के बाद हमने इस प्रणाली को विकसित किया, क्योंकि हमें लोगों को घर पर रखना था इसलिए उनके दरवाजे तक जरूरी सामान पहुंचाना आवश्यक था।

70 फीसदी लोग करते हैं ऑनलाइन भुगतान
आईएएस ने बताया कि अब तक 2 लाख से अधिक ऑर्डर वर डिलीवरी की जा चुकी है। 70 फीसदी से अधिक लोग डिजिटल भुगतान करते हैं। उन्होंने कहा, 'हम लॉकडाउन को लागू करने और इस तरह से फैलने वाले कोरोना वायरस को रोकने में सक्षम हैं। मेरे बैच के साथी और वरिष्ठों ने भी फोन किया और विवरण मांगा। हमने ओवरप्रिंटिंग की जांच करने और शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के लिए 50 लेकपालों को तैनात किया है। लेखपाल ग्राहकों को दरों और वस्तुओं की उपलब्धता की जांच करने के लिए कहते हैं। एसडीएम ने कहा कि हम आपूर्ति चेन में सुधार के लिए उनके फीडबैक का प्रयोग करते हैं।'

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