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11 और मौतें, मुंबई में आखिर इतने लोग मर क्यों रहे हैं?

 
मुंबई

मुंबई में मंगलवार को कोरोना वायरस के 204 नए मामले आए और 11 कोरोना मरीजों की मौत हो गई। मुंबई में हर दिन कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामले से हड़कंप मचा हुआ है। हर दिन सैकड़ों नए मामले सामने आने के साथ-साथ मौत के आंकड़े भी तेजी से बढ़ रहे हैं। मुंबई में हेल्थ सेक्टर तक धराशायी हो गया है। मुंबई में एक के बाद एक अस्पताल कोरोना वायरस की चपेट में आ रहे हैं। कई दिन मरीजों की भर्ती रोक दी गई है। आखिर क्यों मुंबई में कोरोना का कहर बढ़ रहा है और क्यों इतने लोगों की मौत हो रही है?

मुंबई का हेल्थ सेक्टर धराशायी
1753 पॉजिटिव केस और 111 की मौत साफ इशारा है कि देश की आर्थिक राजधानी कोरोना से जंग में क्या अब भी पूरी तरह तैयार नहीं है। मुंबई के 15 बड़े अस्पतालों के हेल्थ वर्कर वायरस की चपेट में आ चुके हैं। जसलोक, ब्रीचकैंडी, खार-हिंदुजा, भाटिया, वॉकहार्ट और सैफी में डॉक्टरों और नर्सों में कोविड-19 संक्रमण पाया गया। भारत की किसी दूसरे शहर के अस्पतालों का इतना बुरा हाल नहीं हुआ होगा।
 
कस्तूरबा में आईसीयू बेड नहीं
बड़े अस्पतालों के धाराशायी होने के बाद कस्तूरबा अस्पताल अकेले जंग लड़ रहा है लेकिन बदइंतजामी देखिए, यहां एक भी आईसीयू नहीं है और न ही गंभीर मरीजों को देखने वाले फुल-टाइम सीनियर डॉक्टर। अब यह किसी से छिपा नहीं है कि कोरोना उन मरीजों के लिए ज्यादा जानलेवा साबित हो रहा है जिन्हें पहले से ही दिल की बीमारी, डायबिटीज या सांस से जुड़ी दिक्कतें है।

सेवनहिल्स में हाउसकीपिंग स्टाफ की कमी
गंभीर मरीजों को सेवनहिल्स अस्पताल में रिफर करने से पहले कई हफ्तों तक कस्तूरबा अस्पताल खुद ही संघर्ष करता रहा। यहां गंभीर मरीजों को रिफर की अनुमति नहीं दी गई। सेवनहिल्स मुंबई का दूसरा सबसे अहम कोविड-19 अस्तपाल है। सेवनहिल्स में भी अलग समस्याएं हैं। यहां अभी सिर्फ 8 आईसीयू बेड ही हैं जिनके बढ़ाकर 30 किया जाना है। वहीं अस्पताल हाउसकीपिंग स्टाफ की कमी से भी जूझ रहा है जिससे यहां हाइजीन भी बड़ी चुनौती बन गई है।
 
अधिक टेस्टिंग भी है मरीजों के बढ़ने की वजह
मुंबई में बढ़ते कोरोना मरीजों के आंकड़ों की एक वजह अधिक टेस्टिंग भी बताई जा रही है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अधिक से अधिक टेस्टिंग की जरूरत क्यों है, इसका अंदाजा मुंबई के आंकड़ों को देखकर लगाया जा सकता है। आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में 12 दिन में कोरोना टेस्टिंग 3 गुना बढ़ाई गई, जिसके कारण नए मरीजों की संख्या में 5 गुना बढ़ोतरी देखने को मिली है।

बीएमसी से मिलने वाले मरीजों और टेस्ट के आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल तक मुंबई कोरोना के 278 मामले थे, जबकि 7,712 लोगों की टेस्टिंग की जा चुकी थी। 12 अप्रैल तक 7,712 से बढ़ टेस्ट की संख्या 24,279 हो गई, जबकि मरीजों की संख्या 278 से बढ़कर 1,399 तक पहुंच गई। आंकड़ों पर नजर डालें, तो 1 अप्रैल तक प्रति 100 टेस्ट पर पुष्ट मरीजों का आंकड़ा 3.6 प्रतिशत था, जो बढ़कर 5.8 प्रतिशत हो गया है।

जितनी अधिक केस, उतनी बढ़ेगी जांच
संक्रमण रोग विशेषज्ञ डॉ. ओम श्रीवास्तव ने कहा कि जितने अधिक केस आएंगे, जांच उतनी बढ़ानी होगी। नाम प्रकशित नहीं करने की शर्त पर महानगर के एक बड़े संक्रामक रोग विशेषज्ञ ने बताया कि वर्तमान स्थिति के अनुसार, मुंबई को रोजना 15 हजार टेस्टिंग की जरूरत है। वहीं, BMC स्वास्थ्य विभाग के अडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर सुरेश काकानी ने कहा, ' BMC हाई रिस्क मरीजों को न केवल अधिक से अधिक ढूंढ रही है, बल्कि उनकी जांच भी कर रही है। यही कारण है कि मामले बढ़ रहे हैं।'
 

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