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कोरोना को लेकर महिला डॉक्टरों पर हमला: हाईकोर्ट बोला- ये दिन-रात लोगों की सेवा में लगे हैं, इनका सम्मान होना चाहिए

 नई दिल्ली 
कारोना वायरस फैलाने का आरोप लगाकर सफदरजंग अस्पताल की दो महिला डॉक्टर पर हमला और दुर्व्यवहार किए जाने को दिल्ली उच्च न्यायालय ने चिंताजनक बताया है। न्यायालय ने कहा है कि कोरोना महामारी के चलते देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है और डॉक्टर दिन-रात बिना थके लोगों की सेवा में लगे हैं। उच्च न्यायालय ने कहा है कि ऐसे में लोगों को डॉक्टर को सम्मान देना चाहिए।

जस्टिस रजनीश भटनागर ने सफदरजंग अस्पताल के दो रेजिडेंट डॉक्टरों पर हमला करने के आरोपी संजीव शर्मा को जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए यह टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि आरोपी शर्मा पढ़ा लिखा होने के साथ-साथ इंटेरियर डिजाइनर है, ऐसे में उसे डॉक्टर का सम्मान करना चाहिए था।

मधुमेह की बीमारी को भी आधार माना: उच्च न्यायालय ने आरोपी को 20 हजार रुपये के निजी मुचलका जमा करने की शर्त पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि इस मामले में सभी चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और तिहाड़ जेल में पहले से ही क्षमता से अधिक कैदी है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि ऐसे में आरोपी संजीव शर्मा को जेल में रखने का कोई फायदा नहीं होगा। अदालत ने आरोपी को जमानत देने में उसके मधुमेह की बीमारी को भी आधार माना है। इससे भी उसे जमानत मिली है।

रद्द हो चुकी थी जमानत 
दिल्ली पुलिस ने 9 अप्रैल को आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। लेकिन मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया। फिर दिल्ली पुलिस ने सत्र अदालत में अपील दाखिल कर आरोपी की जमानत रद्द करने की मांग की। सत्र अदालत ने विशेष तौर पर मामले को संगीन बताते हुए आरोपी संजीव की जमानत रद्द करके न्यायिक हिरासत के तहत उसे जेल भेज दिया था।
 
दिल्ली पुलिस ने जमानत अर्जी का विरोध किया 
आरोपी ने सत्र न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय से जमानत की मांग की थी। हालांकि दिल्ली पुलिस ने न्यायालय में आरोपी की जमानत अर्जी का काफी विरोध किया। पुलिस ने कहा कि आरोपी ने डॉक्टरों से मारपीट और अभ्रदता करके गंभीर अपराध को अंजाम दिया है। ऐसे में उसकी जमानत पर विचार नहीं किया जाना चाहिए।
 
यह है मामला
उच्च न्यायालय में पेश मामले के अनुसार सफदरजंग अस्पताल में आपातकालीन विभाग के तैनात रेजीडेंट डॉक्टर अपनी बहन के साथ गौतम नगर इलाके में रहती है। उसकी बहन भी डॉक्टर हैं। वह 8 अप्रैल को साढ़े 9 बजे शाम को फल खरीदने के लिए गई थी। वहां पर मौजूद आरोपी पर आरोप है कि उसने दोनों डॉक्टर बहनों पर कोरोना महामारी फैलाने का आरोप लगाया और उनके साथ मारपीट और अभ्रदता भी की। मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

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