खेल

ट्रेनिंग में पूरी तरह दिख रहा था धोनी का दम, वर्ल्ड कप की टीम में देखना चाहते हैं बालाजी

चेन्नै 
इंडियन प्रीमियर लीग के 13वें सीजन के टलने से महेंद्र सिंह धोनी के करियर की स्पष्ट तस्वीर का इंतजार बढ़ गया है। ऐसा माना जा रहा था कि अगर पूर्व कप्तान चेन्नै सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो इस साल अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के लिए वह टीम इंडिया में शामिल हो सकते हैं। लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते यह पूरी प्रक्रिया ठहर सी गई है।धोनी ने पिछले साल जुलाई में 50 ओवर वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए मुकाबले के बाद कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है। हालांकि चेन्नै सुपर किंग्स के गेंदबाजी कोच लक्ष्मीपति बालाजी, जिन्होंने धोनी को चेपॉक स्टेडियम में मार्च के पहले दो सप्ताह में ट्रेनिंग करते देखा था, का मानना है कि धोनी के बल्ले की धार कुंद नहीं हुई है। उन्होंने बुधवार को कहा, 'हमें धोनी के छह महीने के ब्रेक के बारे में बात नहीं करनी चाहिए। यह कोई बड़ी बात नही है। अगर आप टाइगर वुड्स या रोजर फेडरर को देखें तो वे भी बड़े टूर्नमेंट्स मिस करते हैं और वापस आते हैं। ब्रेक का अर्थ यह नहीं होता कि उनका प्रदर्शन कुंद हो गया है। हुनर का स्तर नहीं बदलता। धोनी के साथ भी ऐसा ही है। जब प्रदर्शन दिखाने का मौका आएगा तो आपक स्किल लेवल के बारे में सोचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह भले ही उस स्तर पर न हों जिस पर 25-26 साल की उम्र में थे लेकिन खेल की लेकर मानसिक स्तर पर वह बिलकुल सही अवस्था में है। जितना मैंने उन्हें चेन्नै सुपर किंग्स की ट्रेनिंगके दौरान देख वह बिलकुल भी चुके हुए नहीं लगे। यहां तक कि ट्रेंनिंग के पहले दिन भी वह पूरे जोश में थे।' बतौर खिलाड़ी और कोच बालाजी ने देखा है कि धोनी प्लेंइग इलेवन में कितनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि केएल राहुल ने सीमित ओवरों के प्रारूप में अपना दावा काफी मजबूत कर लिया है लेकिन बालाजी की नजरों में टी20 वर्ल्ड के लिए धोनी को भारती टीम में जरूर शामिल करना चाहिए। 

38 वर्षीय इस बालाजी ने कहा, 'यह पूरी तरह से चयनकर्ताओं पर निर्भर करता है लेकिन आप अगर मुझसे पूछें तो मैं किसी भी बड़े टूर्नमेंट में धोनी को जरूर लेकर जाऊंगा। सिर्फ मैच फिनिश करने का हुनर ही नहीं धोनी के खेलने के अन्य कई फायदे भी होते हैं। वह इस टीम गेम में कई आयाम जोड़ते हैं, बड़े टूर्नमेंट जीतने की बात हो तो कामचलाऊ खिलाड़ियों के बात बनती नहीं बल्कि बिगड़ सकती है। तो हर स्थान के लिए आपके पास सर्वश्रष्ठ खिलाड़ी होना चाहिए।' आईपीएल इस साल गर्मियों में नहीं खेला जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि इसका आयोजन सितंबर-अक्टूबर में करवाया जा सकता है। इस पर बालाजी का कहना है कि इसमें अजस्ट करना कोई मुश्किल काम नहीं होगा क्योंकि आईपीएल हमेशा से मार्च, अप्रैल और मई की गर्मियों में खेला जाता है। उन्होंने कहा, 'हम घरेलू सीजन खत्म होने के बाद तपती गर्मियों में आईपीएल खेलने के आदी हैं। हालांकि चैंपियंस लीग टी20 पूरी तरह रद्द होने के पहले सितंबर और अक्टूबर में ही खेली जाती थी। तो अगर आईपीएल इस साल उस वक्त पर होता है तो इस वातावरण से हम परिचित हैं। मैंने जैसा नोटिस किया था पिचों में कोई बड़ा बदलाव नहीं था।'  

Related Articles

Back to top button
Close
Close