देश

लॉकडाउन: अंतिम संस्कार में नहीं पहुंच सका बेटा, बेटी ने दी मुखाग्नि

पुणे
देश कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहा है. सरकार ने 3 मई तक लॉकडाउन लागू किया है. इसकी वजह से बस और रेल के साथ ही हवाई यातायात भी पूरी तरह से बंद है. कोरोना की तेज रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए उठाए गए इस कदम से लोगों को काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है

लॉकडाउन के कारण जहां शादी-विवाह नहीं हो पा रहे, वहीं किसी के बीमार हो जाने या मृत्यु की स्थिति में भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अंतिम यात्रा में जाने के लिए लोग नहीं मिल रहे, तो वहीं रोजी-रोजगार की तलाश में दूर-दराज रह रहे परिजन भी नहीं पहुंच पा रहे. एक ऐसा ही मामला सामने आया है महाराष्ट्र में, जहां पिता के अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंच पाने पर बेटी ने ही रवायतें निभाईं.

प्रदेश के वाशिम में नगर निगम के कर्मचारी 56 साल के ज्ञानेश्वर जाधव की मौत हो गई. दिल का दौरा पड़ने के कारण जाधव की मौत के समय घर पर उनकी पत्नी और 22 साल की बेटी ही थे. उनका बेटा इंदौर में नौकरी करता है. लॉकडाउन के कारण उसके पहुंच पाने की संभावना न के बराबर देख बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा रीमा ने पिता को मुखाग्नि दी.

बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा है रीमा
रीमा ने मध्य प्रदेश के इंदौर में मौजूद भाई और अपनी बड़ी बहन को वीडियो कॉल कर पिता के अंतिम दर्शन करा दिए. गौरतलब है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह की एक घटना सामने आई थी, जब बेटे के नहीं पहुंच पाने के कारण बहू ने मुखाग्नि दी थी. जबकि उत्तर प्रदेश के ही चंदौली में अपने पति की मौत के बाद अंत्येष्टि के लिए शव लेकर जाने से गांव वालों के इनकार करने पर पत्नी ने अपने भाई के साथ ऑटो से शव ले जाकर अंत्येष्टि की थी.
 

Tags

Related Articles

Back to top button
Close
Close