बिज़नेस

लॉकडाउन: रियल एस्टेट में निर्माण कड़ी शर्तों के साथ, 20% तक घट जाएंगे तैयार फ्लैट के दाम

 
नई दिल्ली 

 कोरोना की वजह से देशभर में चल रहा लॉकडाउन पहले से ही पस्त पड़े रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कमर तोड़ने वाला साबित हो सकता है. जानकारों का मानना है कि इसकी वजह से तैयार मकानों के दाम 20 फीसदी तक गिर सकते हैं. सरकार ने ​रियल एस्टेट में कड़ी शर्तों के साथ 20 अप्रैल के बाद शुरू करने की इजाजत दी है.

गौरतलब है कि लॉकडाउन से रियल एस्टेट सेक्टर को काफी नुकसान हो रहा है और इस वजह से इसमें निर्माण कार्य शुरू करने देने की इजाजत इस सेक्टर के लोग मांग रहे थे. लेकिन सरकार ने कुछ शर्तों के साथ सीमित इजाजत दी है.

गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी निर्देश में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न तरह की परियोजनाओं में 20 अप्रैल के बाद निर्माण कार्य की इजाजत होगी, लेकिन शहरी क्षेत्रों में सिर्फ उन्हीं प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य किया जा सकेगा, जहां मजदूरों को बाहर से लाने की जरूरत नहीं है. यह इजाजत भी उन्हीं इलाकों में होगी जहां संक्रमण का कोई केस नहीं है या हॉटस्पॉट नहीं है.
 

हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा कि कोरोना संकट की वजह से तैयार मकानों की कीमत में 20 फीसदी की गिरावट आ सकती है. उन्होंने कहा कि नकदी की समस्या से निपटने के लिए रियल एस्टेट कंपनियों को तैयार मकानों को जल्द से जल्द बेचने का प्रयास करना होगा.
 
बिक्री में गिरावट

रियल एस्टेट की दिग्गज कंपनी हीरानंदानी ग्रुप का मानना है कि लॉकडाउन के पहले चरण से ही रियल एस्टेट कारोबार को 20 फीसदी का नुकसान हुआ है. हीरानंदानी ग्रुप के फाउंडर ऐंड मैनेजिंग डायरेक्टर निरंजन हीरानंदानी ने कहा, 'इस बारे में अभी कुछ भी निश्चित नहीं है कि हालात सुधरने में कितना समय लगेगा और हालात सामान्य होंगे भी या नहीं.'
 
65 फीसदी डिफाल्ट

गौरतलब है कि रियल एस्टेट सेक्टर पिछले कई साल से काफी चुनौतियों का सामना कर रहा है. कई तरह के नियामक और कर संबंधी सुधार के बाद कई एनबीएफसी की बर्बादी की वजह से इस सेक्टर को कर्ज न मिलने के संकट से जूझना पड़ा.

इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से रियल एस्टेट में अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट के करीब 65 फीसदी ग्राहक भुगतान में डिफाल्ट कर गए हैं. आईसीसी के डायरेक्टर रजनी​श शाह ने कहा, 'रियल एस्टेट सेक्टर पिछले एक साल से गिरावट का सामना कर रहा है. इस समय तो हाल यह है कि ऐसे करीब 65 फीसदी ग्राहकों ने अपना भुगतान डिफाल्ट कर दिया है, जिन्होंने इंस्टालमेंट लिंक्ड प्लान में मकान लिया है.'

Related Articles

Back to top button
Close
Close