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सूरत, मुंबई जैसा ना हो दिल्ली में प्रदर्शन, प्रवासी कामगारों के लिए सरकार ने की ये पहल

 
नई दिल्ली

सूरत के बाद मुंबई की घटनाओं से सबक लेते हुए दिल्ली सरकार ने लॉकडाउन के दौरान प्रवासी कामगारों की परेशानियों को कम करने की दिशा में एक पहल की है। दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव ने बुधवार को 10 अधिकारियों को नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया, जो स्थानीय आयुक्तों के साथ मिलकर प्रवासियों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
 यह पहल कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान मुंबई और सूरत में बड़ी संख्या में प्रवासी कामगारों के एकत्र होने की घटना के एक दिन बाद की गई है। एक अधिकारी के मुताबिक, भारतीय प्रशासनिक सेवा के 10 अधिकारी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थानीय आयुक्तों के साथ संवाद कर दिल्ली में प्रवासी कामगारों की समस्याओं जैसे खाना, रहना, आवश्यक सामग्री की आपूर्ति, वेतन का भुगतान और जीविकोपार्जन के अन्य मामलों का समाधान करेंगे।
 
अफसरों की लिस्ट
देव ने नोडल अधिकारियों को उनके द्वारा किए गए कार्यों को लेकर हफ्ते में दो बार रिपोर्ट जमा करने को कहा है। मुख्य सचिव ने जिन अधिकारियों को नोडल अधिकारी के तौर पर तैनात किया है- उनमें डीएन सिंह (उत्तर प्रदेश के लिए नोडल अधिकारी), अजीमुल हक (झारखंड), एसबी शशांक (बिहार) और अरुण मिश्रा (पश्चिम बंगाल एवं ओडिशा) प्रमुख हैं।

यमुना नदी के किनारे थे सैकड़ों मजदूर
बुधवार को ही यमुना नदी के किनारे बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार इकट्ठा दिखे। उन्होंने बताया कि वे कई दिनों से यहीं रह रहे हैं। बाद में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर बताया कि यमुना घाट पर मजदूर इकट्ठा हुए। उनके लिए रहने और खाने की व्यवस्था कर दी है। उन्हें तुरंत शिफ्ट करने के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि रहने और खाने की कोई कमी नहीं है। किसी को कोई भूखा या बेघर मिले तो हमें जरूर बताएं। बुधवार को दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,578 हो गई जिनमें 32 लोगों की मौत हुई है।
 

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