राज्य

CM कोरोना से, डिप्टी विरोधियों से निपट रहे

पटना:
वैश्विक संकट कोरोना के चलते बिहार में भी हालात अच्छे नहीं हैं। राजधानी पटना में मिले एक और पॉजिटिव ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हाल ये है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार न सिर्फ हालात की लगातार खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं बल्कि रोज बैठकों का दौर भी जारी है। वहीं विपक्ष के हमले भी चल ही रहे हैं, लिहाजा डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ट्विटर पर विपक्ष को जवाब देने के मोर्चे पर डटे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश रोज कर रहे बैठक

सीएम नीतीश कोरोना संकट के बीच करीब-करीब रोज बैठक कर रहे हैं। इन आंकड़ों से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

नीतीश की बैठकें (पिछले 5 दिन में)
15 अप्रैल- रोजगार सृजन को लेकर बैठक
14 अप्रैल– मुख्य सचिव,स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के साथ कोरोना से बचाव को लेकर बैठक
13 अप्रैल- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी प्रमंडलों के आयुक्तों और पुलिस महकमे के साथ बैठक
12 अप्रैल- रविवार को स्वास्थ्य विभाग के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
11 अप्रैल– कोरोना को ही लेकर मुख्य सचिव के साथ बैठक
ये तो सिर्फ पिछले 5 दिन का आंकड़ा है। कोरोना संकट के दौरान इसके पहले भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अलग-अलग विभागों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य जरियों से बैठकें चलती रहीं।

इधर डिप्टी सीएम निपट रहे विरोधियों से
अब बात बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी की। डिप्टी सीएम ट्विटर पर करीब-करीब रोज विपक्ष के हमले का जवाब दे रहे हैं। कई दफे तो उन्होंने पहले ही विपक्ष को घेर लिया। इनके भी पिछले 5 दिन के आंकड़े हम आपको 'ट्विटरवार' बताते हैं..

विपक्ष को लपेट रहे डिप्टी सीएम
15 अप्रैल– सुशील मोदी ने तेजस्वी के प्लेन वाले बयान पर उन्हें घेरा, कहा- बिहार के गरीब लोग भी अब हवाई यात्रा करते हैं।

14 अप्रैल– अंबेडकर जयंती पर कांग्रेस को लपेटा, कहा- कहा- कांग्रेस ने हमेशा दलितों की उपेक्षा की।

13 अप्रैल- जमातियों को लेकर राजद पर बोला तीखा हमला, पूछा- RJD जमातियों पर कड़े रुख के बजाए प्रशासन को क्यों बना रहा था निशाना?

12 अप्रैल- प्रधानमंत्री के गमछे पर विरोधियों के हमले का दिया जवाब, ट्वीट किया- प्रधानमंत्री के लिट्टी-चोखा खाने से जिनके पेट में दर्द हुआ, उन्हें उनके गमछा लपेटने से सियासी जुकाम हो रहा है।

11 अप्रैल- इस दिन अखबारों में छपी खबरों की कतरन ट्वीट करते हुए सुशील मोदी ने तेजस्वी के बिहार से लापता रहने पर सवाल खड़े कर दिए।

सीएम के 5 दिन बनाम डिप्टी सीएम के 5 दिन
इस खबर से हमारा ये बिल्कुल आशय नहीं है कि डिप्टी सीएम कोरोना को लेकर काम नहीं कर रहे। हम बस इतना कहना चाहते हैं कि सीएम नीतीश का पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ कोरोना से निपटने पर है वहीं डिप्टी सीएम की चौकस निगाहें विपक्ष पर भी हैं। हमला हुआ नहीं कि डिप्टी सीएम भी एक्टिव हो जाते हैं और ट्विटर पर विपक्ष की धुलाई के काम में लग जाते हैं। कुल मिलाकर ये भी कह सकते हैं कि चुनावी साल होने की वजह से डिप्टी सीएम सुशील मोदी की कोरोना के साथ-साथ विपक्ष पर भी पूरी नजर है।

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