मध्य प्रदेशराज्य

MP की सबसे बड़ी जेल मे कोरोना से लड़ने के कुछ ऐसे हैं इंतजाम, इंदौर के पत्थरबाज यहीं हैं कैद

इंदौर
इंदौर में कोरोना वॉरियर्स (Corona Warriors) पर हमले के आरोपी अब रासुका (NSA) में बंद हैं. उन्हें प्रदेश की अलग-अलग जेलों में भेज दिया गया है. उन आरोपियों में कोरोना के लक्षण पाए जाने के बाद प्रदेश भर में हड़कंप मचा हुआ है. ऐसी सूरत में यह सवाल उठना लाजमी है कि जिन कैदियों को जेलों (jail) में रखा गया है, वहां के बंदियों और कैदियों को कैसे सुरक्षित रखा जाए. जबलपुर जेल में इसके लिए इंतजाम किए गए हैं.

इन्हीं सवालों को ध्यान में रखते हुए जबलपुर केंद्रीय जेल में अलग से क्वॉरंटाइन सेल बनाए गए हैं. ताकि बाहर से आने वाले कैदियों को यहां आइसोलेट कर जेल के बाकी कैदियों और बंदियों को इन कोरोना संक्रमित आरोपियों से दूर रखा जा सके. मध्य प्रदेश के जेल विभाग के महानिदेशक संजय चैधरी के निर्देश पर जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल में यह प्रयोग किया गया है. जेल के कैदियों और बंदियों को कोरोना से दूर रखने के लिए इस तरह के प्रयास अभी सिर्फ जबलपुर केंद्रीय जेल में ही हुए हैं. जेल विभाग के एडीजी और जबलपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक गोपाल ताम्रकार का कहना है जेल में किए गए इस नए प्रयोग से जेल की चहारदीवारी में कोरोना के फैलने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

जबलपुर जेल में कोरोना से बचाव के लिए काफी इंतज़ाम किए गए हैं. जेल स्टाफ भी पूरी तरह से पीपीई किट पहनकर काम कर रहा है. जेल के प्रहरी से लेकर हवालाती भी इस किट का इस्तेमाल कर रहे हैं. जेल में नियम इतने सख्त कर दिए गए हैं कि बिना कोरोना जांच के किसी भी कैदी को अंदर आने की अनुमति नहीं है. यहां का स्टाफ भी खुद को लगातार सैनेटाइज कर रहा है. जेल के गेट पर सैनेटाइजिंग मशीन लगा दी गई है. सभी को उसमें से होकर आना पड़ता है. खुद जेल के कैदियों ने भी पीपीई किट बनाई है. 50 की संख्या में ये पीपीई बनाई गई है. जिसका इस्तेमाल रूरत पड़ने पर किया जाएगा.

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