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सीएम नीतीश ने वर्चुअल रैली की कमान सीनियर नेताओं को सौंपी

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पटना

बिहार विधानसभा चुनाव का भले ही औपचारिक ऐलान न हुआ हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है. अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी के बाद अब बीजेपी की सहयोगी जेडीयू भी वर्चुअल रैली के जरिए सियासी समीकरण साधने के लिए मैदान में उतर रही है. नीतीश कुमार ने महीने भर तक चलने वाली वर्चुअल रैली की योजना भी तैयार की है, इसकी जिम्मेदारी उन्होंने पार्टी के बुजुर्ग नेताओं की सौंपी है. यह रैली मंगलवार से शुरू हो रही है.

बिहार विधानसभा चुनाव को केंद्र में रख जेडीयू ने वर्चुअल सम्मेलन की श्रृंखला को बढ़ाते हुए अपने कार्यक्रमों की घोषणा की है. सात से पंद्रह जुलाई तक जेडीयू सभी प्रकोष्ठों के साथ वर्चुअल सम्मेलन करेगी. इसकी जिम्मेदारी जेएडयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह सिंह को सौंपी गई है. इस दौरान 7 जुलाई को छात्र जेडीयू, 8 जुलाई को अति पिछड़ा प्रकोष्ठ, 9 जुलाई को महिला प्रकोष्ठ, 10 को महादलित प्रकोष्ठ, ग्यारह को युवा जेडीयू, 12 को व्यवसायिक प्रकोष्ठ, 13 को किसान प्रकोष्ठ और 14-15 जुलाई को पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों की वर्चुअल बैठक होगी

16 जुलाई को आरसीपी सिंह सभी क्षेत्रीय प्रभारी, जिलाध्यक्ष, जिला संगठन प्रभारी, विधानसभा प्रभारी व प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक करेंगे. इसके बाद 18 जुलाई से लेकर पूरे महीने तक जेडीयू का विधानसभावार वर्चुअल सम्मेलन होगा. वहीं, सात अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की वर्चुअल रैली को संबोधित करेंगे.

जेडीयू ने विधानसभा स्तर पर होने वाले वर्चुअल सम्मेलन के लिए चार टीम बनायी है और चारों की कमान पार्टी के बुजुर्ग नेताओं को सौंपी गई है, जिनकी उम्र साठ साल के पार है. इसमें एक टीम आरसीपी सिंह, दूसरी वशिष्ठ नारायण सिंह, तीसरी बिजेंद्र यादव और चौथी टीम राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के नेतृत्व में काम करेगी. हर दिन सुबह नौ बजे से यह आयोजन होगा. एक दिन में एक टीम छह विधानसभा क्षेत्रों में सम्मेलन करेगी.

विधानसभा स्तर पर होने वाले जेडीयू दिग्गजों के वर्चुअल संवाद का सिलेबस भी लगभग तय है. काफी पहले जेडीयू ने यह घोषणा की थी कि इस बार का विधानसभा चुनाव 15 साल बनाम 15 साल के मूलमंत्र पर होगा. इस क्रम में लालू-राबड़ी के 15 साल के शासनकाल और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले 15 साल के शासनकाल पर खास तौर पर चर्चा होगी. इसीलिए बीजेपी ने अपनी वरिष्ठ नेताओं को कमान सौंपी है.

बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ वर्चुअल संवाद में पूरी तरह सक्रिय रहे हैं. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके राज को लेकर बिजेंद्र यादव की तल्ख टिप्पणी खूब चर्चा के केंद्र में रही हैं. बिजेंद्र यादव वर्चुअल रैली की विद्या से अपडेट हैं.

वहीं वशिष्ठ नारायण सिंह के लिए भी उम्र का कोई मतलब नहीं. वे कई आयोजनों में खड़े होकर काफी देर तक बोलते रहे हैं. ऐसे ही ललन सिंह और आरसीपी सिंह भी वर्चुअल संवाद से अपरिचित नहीं हैं. पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब पार्टी के बूथ स्तरीय पदाधिकारियों के साथ वर्चुअल संवाद किया था, तब इन दोनों नेताओं ने भी संबोधित किया था. इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी दोनों सक्रिय हैं.

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