करियर & जॉब

दिल्ली विश्वविद्यालय के ओपन बुक एग्जाम10 से 31 अगस्त तक होंगे।

Spread the love

नई दिल्ली
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) को निर्देश दिया है कि वह अंडर ग्रैजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट कोर्सेज के फाइनल ईयर के एग्जाम्स जल्द संपन्न कर उसका रिजल्ट घोषित करे। कोर्ट ने यूनिवर्सिटी को अपने फिजिकल एग्जाम्स की डेटशीट में बदलाव का भी सुझाव दिया। यूनिवर्सिटी ने इसके लिए सहमति देते हुए कोर्ट में कहा कि उसने अपने एग्जाम्स दो फेज में कराने का फैसला लिया है। इसमें पहला मॉक टेस्ट है, जो 27 जुलाई से शुरू होकर 4 अगस्त तक चलेगा। इसके अलावा अलग-अलग मेन स्ट्रीम के लिए ओपन बुक एग्जाम (ओबीई) 10 अगस्त से शुरू होंगे जो 31 अगस्त तक संपन्न होंगे।

यूनिवर्सिटी की ओर से डेटशीट में यह बदलाव हाई कोर्ट के सुझाव पर किया गया, जिसका मानना था कि एग्जाम्स प्रक्रिया को बहुत लंबा न खींचा जाए। डीयू की ओर से एग्जाम्स की पहले जो डेटशीट और टाइमलाइन पेश की गई थी, उसमें कुछ पहलुओं पर कोर्ट ने आपत्ति जताई। पहली आपत्ति- ओपन बुक एग्जाम्स 15 अगस्त के बाद शुरू कराए जाने को लेकर। दूसरी- इसके दो हफ्ते बाद फिजिकल एग्जाम्स कराने के फैसले को लेकर और तीसरी आपत्ति- नवंबर मे रिजल्ट अनाउंसमेंट की संभावना को लेकर।

जस्टिस हीमा कोहली और जस्टिस एस प्रसाद की बेंच ने यूनिवर्सिटी से कहा, आपको स्टूडेंट्स के बारे में सोचना चाहिए। आप एग्जाम्स कराने में जितनी देरी करेंगे, स्टूडेंट्स के लिए उतने ही करियर आप्शन्स कम हो जाएंगे। इसके बाद यूनिवर्सिटी के डीन ऑफ एग्जामिनेशन के साथ मिलकर कोर्ट ने एक नई डेटशीट तैयार की। यूनिवर्सिटी ने अपने मॉक टेस्ट 31 जुलाई की बजाए 27 जुलाई और ओबीई 17 अगस्त की बजाए 10 अगस्त से शुरू करने को लेकर सहमति जताई। अगर कोई स्टूडेंट्स किसी वजह से इन एग्जाम्स को नहीं दे पाया तो उसे फिजिकल एग्जाम्स में बैठने को मौका दिया जाएगा। पर इन एग्जाम्स के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से सितंबर मध्य की जो प्रस्तावित तारीख बताई गई, उससे कोर्ट संतुष्ट नहीं दिखी।

साथ ही एग्जाम्स खत्म होने के दो महीने बाद रिजल्ट की घोषणा से जुड़े उसके फैसले पर भी कोर्ट ने कुछ सवाल खड़े किए। हाई कोर्ट ने यूनिवर्सिटी से कहा कि वह इन दोनों मुद्दों पर फिर से विचार कर प्रस्तावित तारीखें से पहले की तारीखें तय करे और कोर्ट में नए सिरे से हलफनामा दायर कर उसकी जानकारी दे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी साफ किया कि वह यूनिवर्सिटी के अधिकारक्षेत्र मे दखल देना नहीं चाहती। कोर्ट ने कहा, मौजूदा परिस्थिति में स्टूडेंट्स के लिए पैदा हुई समस्या का समाधान निकाले जाने की कोशिश मात्र है। मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी।

Related Articles

Back to top button
Close
Close