छत्तीसगढ़रायपुर

जमील सिद्दीकी दिल पर हाथ रख कर बताएं किस भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यक समुदाय सुरक्षित है? – असलम

रायपुर
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी की प्रेस वार्ता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने कहा कि असल में जमाल सिद्दीकी भाजपा में अल्पसंख्यक समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं बल्कि आरएसएस भाजपा का मोहरा बन कर भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यक समुदाय के ऊपर हो रहे अत्याचार शोषण पर लीपापोती करते हैं। जिस प्रकार से भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यक समुदाय के ऊपर अत्याचार बढ़े है। भाजपा अलग-अलग राज्यों में अल्पसंख्यक समुदाय के सिख, ईसाई,  मुसलमान के खिलाफ वैमनस्यता फैलाने की साजिश रचती हैं यह पूरे देश ने देखा है। भाजपा के अल्पसंख्यक राष्ट्रीय मोर्चा के अध्यक्ष जमीन सिद्दीकी दिल पर हाथ रख कर कहे कि भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यक वर्ग सुरक्षित है उनका मौलिक अधिकार कानूनी अधिकारों का हनन नहीं हो रहा है? उन्हें प्रताड़ित नहीं किया जा रहा है? उन्हें धार्मिक उन्माद का हिस्सा नही बनाया जा रहा है? छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार में सभी वर्गों के मौलिक और कानूनी अधिकार सुरक्षित है।

दुर्भाग्य की बात है भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमील सिद्दीकी ने भाजपा के द्वारा कवर्धा में वर्ग विशेष के खिलाफ रची गई षड्यंत्र के विषय में निंदा के एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए ईसाई समुदाय के खिलाफ झूठे धर्मांतरण के आरोप लगाकर जो हे टारगेट किया जा रहा है उस पर कुछ नहीं बोले। किसान आंदोलन के दौरान जिस प्रकार से सिख किसानों को लेकर भाजपा के नेता अभद्र अपमानजनक टिप्पणी की है उस पर भी एक शब्द बोलने की क्षमता जमील सिद्दीकी में नहीं दिखा। जमील सिद्धकी जिस अल्पसंख्यक समुदाय का खुद को प्रतिनिधि बताते हैं उस समुदाय के ऊपर लगातार भाजपा और आर एस एस के अनुवांशिक संगठन सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक स्थानों में भी उन्मादी टीका टिप्पणी करते हैं उस वर्ग के खिलाफ आक्रोश भड़काने की कोशिश करते हैं। और इस षड्यंत्र में जमील सिद्धीकी जैसे लोग सामने आकर आरएसएस और भाजपा का बचाव करते हैं।

असलम ने यह भी कहा कि अल्पसंख्यकों में यदि कोई सबसे सुरक्षित राज्य है तो वह छत्तीसगढ़ है। छत्तीसगढ़ में आज तक भूपेश बघेल की सरकार में न लिंचिंग की घटना हुई है, ना ही मुस्लिम अथवा अल्पसंख्यक समुदाय पर झूठा मुकदमा दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया गया है। हालांकि चुनावी लाभ लेने के लिए भाजपा के नेताओं को जब मुद्दा नहीं मिलता है तो वे धर्मांतरण जैसा झूठा आरोप लगाने का दुस्साहस करते हैं जबकि राज्य में भाजपा आज तक इस तरह की घटनाओं का कोई ठोस उदाहरण प्रस्तुत नहीं कर पाई है। भाजपा और आरएसएस के प्रचारक वातावरण को दूषित करने और भाईचारे में दुराव पैदा करने में सफल नहीं हो पाए हैं।  भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा छत्तीसगढ़ की धरती में आकर लगाए गए आरोप झूठे, बेबुनियाद और बटवारा करने को प्रेरित करने वाला है भाजपा इस प्रयास में कभी सफल नहीं होगी।

Related Articles

Back to top button
Close
Close