उत्तर प्रदेशराज्य

अयोध्या: रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के गर्भगृह से अस्थाई टेंट हटाने का काम शुरू

 अयोध्या 
                                  
रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के मूल गर्भगृह से अस्थाई टेंट को हटाने का काम शुरू हो गया है। इस टेंट को हटाए जाने के बाद तीन तरफ की अस्थाई दीवार को भी गिराने की तैयारी है। पुन: बैरिकेडिंग को हटाकर समतलीकरण की व्यवस्था कार्यदाई संस्था एलएंडटी की ओर से कराई जाएगी। कोविड-19 के कारण देश भर में चल रहे लॉकडाउन को देखते हुए एलएंडटी के कर्मचारी व उनकी मशीनें यहां नही आ पा रही हैं।

उधर रामजन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से भूमि पूजन के लिए निर्धारित तिथि 30 अप्रैल को स्थगित नहीं किया गया है। सूत्रों की माने तो यह संभावित तिथि पीएमओ की ओर से निर्धारित थी। इसके चलते अभी भावी परिस्थितयों पर नजर रखी जा रही है। इससे पहले रामजन्मभूमि में टेंट के ठेकेदार के कर्मचारियों ने गर्भगृह के ऊपर लगाए गए अस्थाई टेंट की बल्लियों को खुलवाकर त्रिस्तरीय पर्दों को उतार दिया है। वहीं सबसे अंतिम लेयर में लगाए गये फायर प्रूफ तिरपाल को हटवा कर विराजमान रामलला के नये भवन में पहुंचा दिया गया। इस तिरपाल को परिसर में स्थित रामलला के नये भवन के बाहर लगाई लोहे के जाली की दीवार की छत पर लगा दिया गया है।

वर्ष 1993 से लोक निर्माण विभाग हर वर्ष दे रहा ठेका
रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के गर्भगृह पर अस्थाई टेंट का ठेका लोक निर्माण विभाग खंड दो की ओर से वर्ष 1993 से दिया जा रहा है। बीते वित्तीय वर्ष 2019-20 में यह ठेका उच्चतम न्यायालय में चल रही सुनवाई को देखते हुए फैसले की तिथि तक के लिए ही किया गया था। विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि नौ नवम्बर वर्ष 2019 में फैसला आने के बाद अदालत ने केंद्र सरकार को तीन माह का समय दिया था। इसके कारण टेंडर नौ फरवरी 2020 तक के लिए ही दिया गया था। उन्होंने बताया कि अभी इसका भुगतान नहीं किया गया है। 

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बोले- देश बचाना पहली प्राथमिकता
रामजन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस विषय पर कोई टिप्पणी किए बिना कहा कि पहले देश बचाने की जरूरत है, शेष विषयों की प्राथमिकता इसके बाद है। उनका कहना है कि जब पूरी दुनिया भर की सरकारें कोरोना महामारी से लड़ने में असहाय प्रतीत हो रही हैं, तब भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने कुशल नेतृत्व से समूचे विश्व के समक्ष उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों की ओर से भारत के प्रति दर्शाई जा रही कृतज्ञता अपने आप में भारतवासियों के लिए गौरव का विषय हो सकती है। ऐसे में देशवासियों को एकजुटता के साथ पहले कोरोना को हराना है और स्वयं के साथ परिवार एवं समाज को सुरक्षित रखना है।

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