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14 के बाद क्या करना है,सीएम कर रहे हैं सबसे चर्चा

रायपुर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार न केवल राजनीतिक बल्कि गैर राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े प्रबुद्धजनों से रायशुमारी कर रहे है। व्यवस्था को लेकर वे सुझाव भी मांग रहे हैं और समीक्षा कर रहे हैं। इस बीज 14 अप्रैल को खत्म हो रहे लाकडाउन के बाद आगे क्या किया जाना इस पर भी राय ले रहे हैं। प्रतिपक्ष के नेता धमरमलाल कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक धर्मजीत सिह, और मोहन मरकाम सहित अनेक विधायकों से दूरभाष से चर्चा की और उनके क्षेत्रों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविड19) के संक्रमण और रोकथाम के लिए प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान की गई व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने दूरभाष पर चर्चा में लॉकडाउन के दौरान उनके क्षेत्रों के हालचाल सहित गरीब और कमजोर तबकों के लिए किए गए राहत उपायों पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी वर्गो के हितों का ख्याल रखा जा रहा है। राशन, दवाई, सहित सभी आवश्यक व्यवस्था को लॉकडाउन से मुक्त रखा गया है। गरीब परिवारों को दो माह का नि:शुल्क राशन का वितरण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंदों के लिए प्रत्येक पंचायतों में दो-दो क्विंटल अनाज रखा गया है। इसके अलावा स्वयंसेवी संगठनों और औद्योगिक समूहों के सहयोग से भोजन की व्यवस्था की जा रही है।  रायपुर शहर में डोनेशन आन व्हील्स अभियान चलाया जा रहा है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए गांवों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। कई गांवों में बेरियर बनाकर निगरानी रखी जा रही है। रबी फसलों की कटाई के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिग का पालन करने को कहा गया है।

आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए वाहनों को ऐप के माध्यम से ई-पास की व्यवस्था की गई है। अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों को राज्य की सीमा के नजदीक ही उनके लिए भोजन और आवास की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों को सहायता मुहैया कराई जा रही है। सभी कलेक्टरों को श्रमिकों के भोजन आवास सहित अन्य जरूरी व्यवस्था के लिए संबंधित राज्यों के कलेक्टरों से समन्वय कर आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा अन्य जरूरतों के लिए सहायता राशि उनके खातों में भेजी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस के परीक्षण के लिए एम्स रायपुर के अलावा जगदलपुर में परीक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सभी जिलों में कोरोना संक्रमण से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए सौ-सौ बेड की व्यवस्था की जा रही है। अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में 500 बेड और माना सिविल अस्पताल में 100 बेड और प्रदेश के अन्य मेडिकल कालेज में 200-200 बेड की व्यवस्था की जा रही.

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