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आयकर रिटर्न भरने की तारीख बढ़ने की उम्मीद, जल्द हो सकता है नए डेट का ऐलान

नई दिल्ली 
कोरोना संकट को देखते हुए सरकार ने आयकर संबधित कई कामों की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 जून कर दिया है। इसी कड़ी में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए फॉर्म-16 मिलने की तारीख 30 जून कर दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में व्यक्तिगत करदाताओं के लिए अपना रिटर्न 31 जुलाई तक भरना संभव नहीं होगा। आयकर विभाग आने वाले दिनों में रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाने का ऐलान कर सकता है।

आयकर कानूनों के अनुसार, एक नियोक्ता के लिए टीडीएस रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31 मई है और फॉर्म-16 को जारी करने की अंतिम तारीख 15 जून है लेकिन इस बार तारीख को आगे बढ़ाया गया है। पिछले साल भी सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए टीडीएस रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 जून, 2019 कर दी थी और फॉर्म-16 जारी करने की अंतिम तारीख 10 जुलाई, 2019 कर दी थी।

लॉकडाइन से बिगड़ा शेड्यूल
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले साल इन समयसीमा के विस्तार से आईटीआर भरने की तारीख बढ़ी थी। वित्त वर्ष 2018-19 की अंतिम तिथि 31 अगस्त, 2019 थी। ऐसे में इस बार भी आयकर रिटर्न भरने की तारीख बढ़ने की पूरी संभावना है। टैक्स सलाहकारों का कहना है कि लॉकडाइन होने से चाटर्ड अकाउंटेंट (सीए) भी अपने कार्यालय नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में उनके साथ करदाताओं की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। उनका कहना है कि समय सीमा बढ़ाने के बाद भी इस बार कर रिटर्न में करदाताओं, सरकार और सीए सबको नई चुनौतियों का सामना करनाा पड़ सकता है। हालांकि, सरकार स्थिति को देखते हुए हर समय रणनीति बदलने को तैयार है।

 नई कर प्रणाली के लिए नियोक्ता को बताना होगा
आयकर विभाग ने कहा है कि कर्मचारियों को चालू वित्त वर्ष के दोरान नई आयकर प्रणाली को अपनाने की अपनी मंशा के बारे में नियोक्ता को अवगत कराना होगा ताकि वह वेतन का भुगतान करते समय उसी के अनुरूप टीडीएस काट सके। वित्त मंत्री ने वर्ष 2020- 21 के बजट में व्यक्तिगत आयकरदाताओं के लिए एक नई वैकल्पिक प्रणाली की घोषणा की है। इसमें कर दाता के लिए कर की दरें कम रखीं गई हैं मिलने वाली कर छूट का लाभ इसमें नहीं दिया जाएगा।

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