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अवैध संबंध व पैसों के लेनदेन पर भाई ने कर दी पूरे परिवार की हत्या

दुर्ग

जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कपसदा गांव में दो दिन पूर्व हुए नृशंस हत्याकांड का पटाक्षेप हो गया है। पुलिस ने इस वारदात के मुख्य तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या का कारण प्रेमिका के साथ अवैध संबंध और पैसों का लेनदेन तथा बड़े भाई की उन्नति को नहीं पचा पाना सामने आया है।

उल्लेखनीय है कि कपसदा में बुधवार की रात को भोलाराम यादव, उसकी पत्नी और दो बच्चों की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। पिता व बच्चों के शव खेतों में मिले जबकि पत्नी का शव घर में पाया गया, जिसकी जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस कप्तान सहित डाग स्काड व फारेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच मंं ही पुलिस को यह आपसी रंजिश और परिवार के ही किसी सदस्य के इस वारदात  को अंजाम देने का शक था।

पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने मीडिया को तानकारी दी कि इस पूरे मामले का मास्टर माईंड भोालाराम यादव का छोटा भाई किस्मत यादव था जिसने अपने दो मित्रों के सहयोग से इस घटना को अंजाम दिया। जानकारी के मुताबिक, भोलानाथ यादव चार भाई थे। छोटा भाई किस्मत दो अन्य आरोपियों ग्राम कपसदा निवासी आकाश मांझी और टीकम दास घृतलहरे के साथ बुधवार देर रात शराब के नशे में भोलानाथ यादव के घर पहुंच गए। बाहर से ही आरोपियों ने भोलानाथ को आवाज दी। भोलानाथ बाहर निकला तो किस्मत ने उससे रुपयों की मांग की। इस पर भोलानाथ भड़क गया और गालियां देने लगा। इसके चलते आरोपियों ने भोलानाथ को पकड़ लिया और उससे मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद किस्मत खेत के पास ही रखी कुल्हाड़ी ले आया और भोलानाथ के सिर पर वार कर दिया। जबकि आरोपी आकाश मांझी ने सब्बल और टीकम ने खेत में पड़े फसल काटने वाले पट्टे से हमला किया। सिर पर गहरी चोट लगने से भोलानाथ की मौके पर ही मौत हो गई। शोर सुनकर उसकी पत्नी नैला बाहर आई तो आरोपियों ने उसका पीछा किया और घर के दरवाजे पर ही सिर पर हमला कर मार डाला। इस दौरान अंदर सो रहे दोनों बच्चे मुक्ता (7) और प्रमोद (12) भी जाग गए।

पहचाने जाने के डर से बच्चों की भी हत्या कर दी
पहचाने जाने के डर से आरोपियों ने दोनों बच्चों की भी हत्या कर दी। इसके बाद अलमारी में रखे 7.92 लाख रुपए से ज्यादा और सोने-चांदी के गहने लेकर भाग निकले। आकाश और टीकम वहां से ओडिशा फरार हो गए। साइबर सेल की मदद से पुलिस ने दोनों आरोपियों को भवानीपट्टनम से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त हथियार, खून लगे कपड़े, चोरी के रुपए और सोने-चांदी के गहने बरामद कर लिए हैं। किस्मत के शरीर पर चोट के निशान से पुलिस को संदेह हुआ। पुलिस कप्तान ने बताया कि मृतक का छोटा भाई किस्मत यादव बड़े भाई की उन्नति से ईर्षा करता था। भोलाराम अपने मित्र आकाश मांझी के साथ दारू पिना और मौज-मस्ती करता था। चार माह पूर्व एक ही स्त्री से संबंध बनाने को लेकर आकाश के साथ उसका झगड़ा हुआ और यहीं से दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई। किस्मत और आकाश ने ही मिलकर इस वारदात की योजना बनाई और इसे अंजाम दिया।

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