भोपाल
2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को सबसे अधिक विधायक देने के बावजूद विकास और सरकार में भागीदारी पर अनदेखी से नाराज विन्ध्य के नागरिकों को भाजपा के विरुद्ध उकसाने का काम शुरू हो गया है। इसकी रही सही कसर रीवा, सीधी, शहडोल समेत कई जिलों के जिला अध्यक्ष और उनकी टीम कर रही है।

विन्ध्य पुनर्निर्माण के नाम पर सरकार को आंखें दिखा रहे भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी और उनकी टीम इसीलिए अब नगरीय निकाय चुनाव मे भाजपा को पटकनी देने की तैयारी में जुट गए हैं। नगरीय निकाय चुनाव के लिए प्रदेश के 16 नगर निगमों में से तीन रीवा, सतना और सिंगरौली इस क्षेत्र में हैं। इसके अलावा नगरपालिका अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, मैहर भी खासी अहमियत रखते हैं। इसे देखते हुए विन्ध्य पुनर्निर्माण मंच के जरिये पृथक विन्ध्य प्रदेश के गठन के लिए आंदोलन चला रहे मैहर विधायक और उनके साथियों ने खुलकर ऐलान कर दिया है कि भाजपा और कांग्रेस के बागी नेताओं को विन्ध्य पुनर्निर्माण मंच महापौर और पार्षद का चुनाव लड़ाएगा। कांग्रेस के पास पहले से कैंडिडेट्स की कमी है, इसलिए इस मंच की निगाहें भाजपा के बागियों पर हैं जो अपनी दमखम पर चुनाव लड़ सकें और मंच इन्हें राजनीतिक सपोर्ट दे सके। इसको लेकर बैठकों का दौर भी तेज हो गया है।

विन्ध्य पुनर्निर्माण मंच के पदाधिकारियों की बैठकों में निर्णय लिया गया है कि सतना नगर निगम में महापौर और 45 वार्ड में पार्षद उतारने के लिए टिकट का ऐलान 12 जून तक कर दिया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में सिंगरौली और रीवा के लिए कैंडिडेट चयन पर फोकस किया जाएगा। इसको लेकर हुई बैठक में तय किया गया है कि निकायवार चुनावों के प्रभारी बनाकर व पर्यवेक्षकों की राय से ही मजबूत प्रत्याशी उतारें ताकि आगे चलकर ये जनप्रतिनिधि विन्ध्य प्रदेश की मांग को मजबूत कर सकें। शहडोल, रीवा, उमरिया, अनूपपुर, सिगरौली में वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देकर कार्यकतार्Ñओंको चुनाव लड़ाने की तैयारी की जा रही है।

 

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