अयोध्या
 
मां फाउंडेशन के तत्वावधान में लक्ष्मणकिला में चल रही फिल्मी सितारों की रामलीला में गुरुवार को चौथे भगवान राम के वनवास और चक्रवर्ती नरेश महाराज दशरथ के मृत्यु प्रसंग की लीला का मंचन किया गया। फिल्म अभिनेता गिरिजाशंकर ने अपने अभिनय से पूरे वातावरण को इतना भावुक बना दिया कि दर्शकों के नेत्रों से अश्रु छलक गये। वहीं युवा कलाकार राहुल बूचर ने भी अपने अभिनय की छाप छोड़ी। मालूम हो कि अभिनेता गिरिजाशंकर जहां राजा दशरथ एवं राहुल भगवान राम की भूमिका का निर्वहन कर रहे थे।

उधर रामलीला के आयोजक बाबी मलिक ने दावा किया कि चार दिनों में दुनिया भर में 16 करोड़ से ज्यादा दर्शकों ने रामलीला को देखा है। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय दूरदर्शन व सोशल मीडिया प्लेटफार्म को जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतिम दिन तक इस साल भी दर्शकों की दृष्टि से नया कीर्तिमान स्थापित हो सकेगा। उन्होंने दर्शकों के साथ भारत सरकार व प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि पहले साल 2020 में दस दिनों की रामलीला में कुल 16 करोड़ व 2021 में कुल 22 करोड़ दर्शक मिले थे।

अयोध्या की रामलीला के चौथे दिन प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप कुमार सिंह ने पहुंच कर कलाकारों का उत्साहवर्द्धन किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या की रामलीला विश्व की सबसे बड़ी रामलीला है। उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्यों की स्थापना ममें रामायण का बड़ा योगदान है। उन्होंने रामायण हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने में सभी पात्रों की भूमिका महत्वपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि सूचना क्रांति के युग में सितारों की ओर से दिया गया संदेश युवा पीढ़ी को प्रेरित करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने इस आयोजन के लिए आयोजकों को साधुवाद दिया।

इस मौके पर रामलीला कमेटी के महासचिव शुभम मलिक ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।  मलिक ने इस रामलीला आयोजन में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व  प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह सहित मंत्रिमंडल के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान गोण्डा सदर के विधायक प्रतीक भूषण सिंह, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुभाष मलिक बाबी, अभिनेता गिरिजा शंकर,  राहुल बूचर, राकेश बिंदल व प्रदीप अग्रवाल मौजूद रहे।

 

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