नईदिल्ली

राजधानी में मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप बीते वर्ष की तुलना में चार गुना तेजी से फैल रहा है। बीते वर्ष जुलाई माह में जहां 26 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी वहीं इस वर्ष इन मरीजों का आंकड़ा 121 तक पहुंच गया है।

वहीं, अगस्त सितंबर से जबकि मरीजों की संख्या बढ़ने लगती है ऐसे में आने वाले माह में और ज्यादा मरीज आ सकते हैं। सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि इस वर्ष डेंगू के स्टेन -2 के मरीज ज्यादा दर्ज हो रहे हैं।

यह डेंगू का सबसे खतरनाक स्टेन होता है। दिल्ली नगर निगम की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार बीते एक सप्ताह में डेंगू के 56 मरीज दिल्ली में दर्ज हुए हैं। इससे कुल मरीजों का आंकड़ा दौ सौ पार हो गया है।

डेंगू के अब दिल्ली में 243 मरीज हो गए हैं। इसी प्रकार बीते एक सप्ताह में मलेरिया के 11 मरीजों की पुष्टि हुई है जिससे कुल मरीजों का आंकड़ा 72 हो गया है। राहत की बात है कि बीते एक सप्ताह में चिकनगुनिया का कोई भी मरीज दर्ज नहीं हुआ है।

इस वर्ष दर्ज हो चुके हैं 14 चिकनगुनिया के मरीज

वैसे इस वर्ष 14 चिकनगुनिया के मरीज दर्ज हो चुके हैं। इस समय सर्वाधिक डेंगू का प्रकोप एमसीडी क्षेत्र में ही है। डेंगू के कुल 243 मरीजों में से 129 मरीज एमसीडी क्षेत्र में हैं। 17 मरीज नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्र में हैं। जबकि दिल्ली कैंट इलाके में 12 और रेलवे के इलाके में पांच मरीज हैं। 80 मरीजों के पते की पुष्टि नहीं हो पाई है।

इसी प्रकार मलेरिया के 72 मरीजों में से एमसीडी क्षेत्र में 45 मरीज हैं, एक मरीज एनडीएमसी क्षेत्र का है,पांच दिल्ली कैंट इलाके से हैं और 21 मरीजों के पते की पुष्टि नहीं हो पाई है। इस वर्ष मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप इसलिए भी ज्यादा होने का आसार है क्योंकि बाढ़ और वर्षा से कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति हैं। बाक्स डीबीसी की हड़ताल और बिगड़ सकते हैं हालात दिल्ली नगर निगम के तीन हजार डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।

इससे निगम का डेंगू मलेरिया और चिकनगुनिया के खिलाफ घर-घर चलने वाला जांच और जागरुकता अभियान भी प्रभावित हो सकता है। हड़ताल के पहले दिन डीबीसी ने सिविक सेंटर के गेट नंबर पांच के बाहर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही मांगे न माने तक प्रदर्शन और हड़ताल जारी रखने की भी बात कही।

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