रांची
मौसम विभाग ने झारखंड में आज से 5 अक्टूबर तक भारी से भारी वर्षा की संभावना को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। इस अवधि में राज्य के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ जिलों में भारी वर्षा की संभावना है।
विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह किया है, क्योंकि तेज हवाओं के साथ वज्रपात भी हो सकता है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण यह वर्षा प्रणाली सक्रिय हो रही है। समुद्र तल से 9.6 किलोमीटर ऊंचाई तक फैले इस चक्रवाती परिसंचरण के अगले 12 घंटे में अवदाब में तब्दील होने की संभावना है। यह सिस्टम 3 अक्टूबर की सुबह दक्षिण ओडिशा तथा उत्तर आंध्र प्रदेश तटों को पार कर सकता है, जिसके प्रभाव से झारखंड में भी भारी वर्षा होने की संभावना बढ़ गई है। 2 अक्टूबर को पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिलों में भारी वर्षा होगी। आज धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में भारी वर्षा देखी जा सकती है। वहीं चतरा, गढ़वा और पलामू में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।
आज दुमका, गोड्डा, पाकुर, साहिबगंज, चतरा, गढ़वा और पलामू जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की है। नारंगी चेतावनी वाले क्षेत्रों में भूस्खलन, आपूर्ति एवं परिवहन बाधित होने, फसल और वृक्षों को नुकसान, साथ ही जीवन एवं संपत्ति के नुकसान का जोखिम रहता है। पीले रंग के क्षेत्रों में फसलों को मामूली क्षति और जलजमाव की आशंका है। मौसम विभाग ने सावधानी के तौर पर नदी में मछली पकड़ने और कैंपिंग से बचने, छप्पर वाले मकानों को मजबूत बनाने, भूस्खलन या निचली घाटियों से तुरंत दूर चलने एवं खड़ी ढलानों के पास घर न बनाने की सलाह दी है।
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