नई दिल्ली
अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को राऊज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मनी लॉन्ड्रिंग केस में उसकी रिहाई का आदेश दे दिया है। हालांकि, राहत के बावजूद क्रिश्चियन मिशेल फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएगा, क्योंकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जुड़े मामले में अभी उसकी रिहाई का कोई आदेश नहीं आया है। ऐसे में उसे जेल में ही रहना होगा। कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्रिश्चियन मिशेल के वकील ने दलील दी कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभी तक ट्रायल पूरा नहीं हुआ है, लेकिन इसके बावजूद आरोपी लगभग 7 साल से हिरासत में है, जो इस मामले में संभावित अधिकतम सजा के बराबर है। गौरतलब है कि इससे पहले क्रिश्चियन मिशेल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी। वहीं, सीबीआई केस में उसे सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत दी गई थी, लेकिन उसके पासपोर्ट की अवधि समाप्त हो जाने और जमानत की शर्तों के तहत जरूरी श्योरिटी न मिल पाने के कारण वह अब तक जेल से बाहर नहीं निकल सका था।
इससे पहले 8 अगस्त को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल को बड़ा झटका दिया था। उस समय कोर्ट ने उसकी उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने जेल से रिहाई के निर्देश देने की मांग की थी। अदालत ने कहा था कि आरोपी पर आईपीसी की धारा 467 के तहत गंभीर आरोप हैं, जिनमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। इसलिए यह नहीं माना जा सकता कि उसने अधिकतम सजा की अवधि पहले ही पूरी कर ली है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि धारा 467 लागू होती है या नहीं, यह फैसला आरोप तय होने के दौरान किया जाएगा। तब तक आरोपी को रिहा नहीं किया जा सकता। क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को 5 दिसंबर 2018 को संयुक्त अरब अमीरात से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। भारत पहुंचते ही सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया और इसके कुछ दिन बाद ईडी ने भी उसे हिरासत में ले लिया। तब से वह जेल में बंद है।
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