युवा धर्म संसद में मोहन भागवत का संदेश, बोले- भौतिक सुख और अर्थ-काम की अपेक्षा धर्म से होती है पूरी
उज्जैन रिलिजन धर्म नहीं, धर्म जीवन का अनुशासन है। किसी इच्छा की पूर्ति, भय, लोभ या प्राण बचाने के लिए भी धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए। सुख-दुख आते-जाते रहते हैं, लेकिन धर्म नित्य रहता है। यह बात राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कही। वे उज्जैन में ‘युवा धर्म संसद’ को संबोधित कर […]
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