इंदौर
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने चिकित्सा महाविद्यालय खोलने को लेकर लंबे समय बाद पहल की है। भंवरकुआं थाना, मंदिर और पानी की टंकी को तक्षशिला परिसर में स्थानांतरित करने के बदले छोटा बांगड़दा में मिलने वाली जमीन पर महाविद्यालय प्रस्तावित है। अब इसकी तैयारी को लेकर सात सदस्यीय समिति का विश्वविद्यालय ने गठन कर दिया है। यह भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद, नगर निगम और जिला प्रशासन के बीच समन्वय करने का काम करेगी। वहीं समिति को महाविद्यालय से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालने के अलावा बजट भी जुटाना है।
दरअसल कुछ महीने पहले केंद्र सरकार ने राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय को चिकित्सा महाविद्यालय खोलने पर जोर दिया था। इसे आधार बनाते हुए विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को सात सदस्य समिति बनाई। रेक्टर डा. अशोक शर्मा इसके अध्यक्ष हैं, जबकि डा. राजेश शर्मा, डा. एके त्रिवेदी, डा. डीके शर्मा, आकाश पाठक, प्रज्वल खरे, अनुराग द्विवेदी को सदस्य बनाया गया है। इस बारे में कुलपति डा. रेणु जैन ने आदेश भी जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार समिति को जमीन से जुड़ी कागजी कार्रवाई पूरी करने के अलावा जिला प्रशासन से समन्वय करना है, जिससे विश्वविद्यालय को जल्द से जल्द छोटा बांगड़दा में जमीन मिल सके। वैसे चिकित्सा महाविद्यालय खोलने के लिए विश्वविद्यालय को पचास एकड़ जमीन की आवश्यकता है। प्रभारी कुलसचिव अनिल शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन और समिति के बीच चुनाव बाद बैठकें होंगी। इसमें जमीन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
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