भोपाल
प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में अफसरों और कर्मचारियों के विरुद्ध लापरवाही और करप्शन की 42688 कम्प्लेन ग्रामीणों ने की है। इन शिकायतों के निराकरण को लेकर पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की सख्ती के बाद भी 39 फीसदी अभी पेंडिंग हैं। सबसे अधिक पेंडिंग मामले सागर, रीवा, सतना, छतरपुर, विदिशा जिले में हैं।
सरकार की प्राथमिकता के बाद भी पीएम आवास योजना के मामले में आने वाले शिकायतों की यह स्थिति इस साल एक जनवरी से 14 जून तक की अवधि की है। शिकायत वाले टाप टेन जिलों में सागर जिले में 2578, रीवा में 2441, सतना में 1967, छतरपुर में 1895, विदिशा में 1724, राजगढ़ में 1649, दमोह में 1625, बालाघाट में 1349, शिवपुरी में 1191 और कटनी में 1170 केस दर्ज हैं।
इन संभागों में इतनी शिकायतें
पीएम आवास के निर्माण में करप्शन और राशि नहीं मिलने की जो शिकायतें हुई हैं, उसमें इंदौर संभाग में 2507, उज्जैन में 4336, ग्वालियर में 3921, चंबल में 1465, जबलपुर में 6551, नर्मदापुरम में 1243, भोपाल में 5697, रीवा में 6588, शहडोल में 1895 और सागर संभाग में 8485 मामले शामिल हैं।
इन अफसरों के पास केस पेंडिंग
कलेक्टरों और जिला पंचायतों में पदस्थ आईएएस अफसरों के पास भी इस योजना से संबंधित शिकायतें पहुंची हैं। इन शिकायतों में सबसे अधिक पेंडेंसी सीईओ स्वप्निल वानखेÞड़े रीवा के पास हैं जो 620 हैं। सागर कलेक्टर दीपक आर्य के पास 598, विदिशा कलेक्टर उमाशंकर भार्गव के पास 550, परीक्षित झाड़े के पास 470, गिरीश कुमार मिश्रा के पास 406, रीवा कलेक्टर मनोज पुष्प के पास 383, छतरपुर कलेक्टर संदीप जीआर के पास 382, कटनी कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के पास 335 और सीधी कलेक्टर मुजीबुर्रहमान खान के पास 295 केस पहुंचे हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

