योगी सरकार की किताब खरीदने में पिछड़े 56 जिलों को चेतावनी, 15 दिन में जिम्मेदारी तय करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ
परिषदीय प्राथमिक स्कूल खुल चुके हैं छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के लिए अधिकारी गंभीर नहीं है। यही वजह है कि 56 जिलों ने अब तक किताबें खरीदने का आर्डर नहीं दिया है। इस पर योगी सरकार ने कार्रवाई करने और 15 दिन में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिया है। अब तक केवल 19 जिलों ने ही आर्डर जारी किया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसी माह प्रकाशकों से करार किया है और सभी जिलों को निर्देश दिया कि वे छात्र संख्या के आधार पर आर्डर जारी करें। इसके लिए 14 जून की तारीख तय थी फिर भी 56 जिलों ने अब तक आर्डर नहीं दिया है। इससे बच्चों को पुस्तकें और देर से मिलेंगी। इसके अलावा स्कूलों में बच्चों के नामांकन, स्कूलों को गोद लेने, एमआईएस कोआर्डिनेटर चयन, आधार किट संचालन, न्यायालय में लंबित प्रकरणों आदि के विभिन्न कार्यों की समीक्षा में ढिलाई बरतने वालों को चेतावनी दी गई। 19 जिलों ने ही प्रकाशकों को आर्डर दिए हैं। इनमें बुलंदशहर, गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, भदोही, सोनभद्र, बस्ती, सिद्धार्थनगर, बलिया, झांसी, अमेठी, बाराबंकी, आंबेडकरनगर, श्रावस्ती शामिल हैं।

फर्नीचर आपूर्ति में देरी, 12 जिलों से जवाब तलबः प्रदेश में वर्ष 2020-21 में स्वीकृत फर्नीचर आपूर्ति के तहत 20 जिलों में आपूर्ति हो चुकी है और 38 में चल रही है। वहीं ललितपुर, सहारनपुर, कानपुर देहात, मैनपुरी, बुलंदशहर, बदायूं, चित्रकूट, आजमगढ़, लखनऊ, श्रावस्ती, आगरा व उन्नाव में आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। ऐसे 12 जिलों से स्पष्टीकरण मांगने और देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने कहा है कि यह स्थिति खेदजनक है। जिन जिलों में फर्नीचर नहीं पहुंचा है वहां उत्तदायित्व तय करते हुए नोटिस जारी किया जाए।

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