सोन नदी पर बन रहा पुल हुआ धराशाई

मध्य प्रदेश राज्य

शहडोल
जिला मुख्यालय से धुरवार नवलपुर रोड के 8. 4 किलोमीटर दूरी पर लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण द्वारा ठेकेदार श्रीराम कंस्ट्रक्शन कंपनी बिजुरी के माध्यम से निर्माण कराए जा रहे हैं 150 मीटर लंबे निर्माणाधीन ब्रिज का पिलर 3 और पिलर 4 के बीच का स्लैब कल दोपहर लगभग 1:30 से 2:00 के बीच धारासाई हो गया इस घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है। गौरतलब है उक्त पुल का निर्माण एनडीवी योजना के पैकेज क्रमांक सी के अंतर्गत 508. 27 लाख रुपए की राशि से कराया जा रहा है। पुल का स्लैब गिरने के बाद पुल के गिरने के पीछे के कारणों को लेकर सभी पहलुओं पर चर्चाओं का बाजार गर्म है जिसमें विभाग एवं ठेकेदार के ऊपर कई प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

पुल गिरने के कारणों की पड़ताल
सूत्रों के अनुसार 15 जून से 15 अक्टूबर के बीच मध्यप्रदेश शासन की गाइड लाइन के अनुसार पुल के निर्माण पर रोक रहती है। क्योंकि पानी का बहाव और वातावरण की नमी पुल के निर्माण के लिए ठीक नहीं मानी जाती है। सरकार की उक्त गाइडलाइन का उल्लंघन या मनमानी करते हुए पुल के स्लैब की ढलाई कराई गई। निर्माणाधीन पुल केबल आधारित पुल होने के कारण बिना केबल लगाएं ना पुल सुरक्षित हो सकता है और ना निर्माण पूर्ण हो सकता है। गौरतलब है पुल का जो हिस्सा टूटकर गिरा है उसमें केवल डालने का काम नहीं हुआ था। जानकारी के अनुसार पुल में केबल डालने की कवायद शुरू हो चुकी थी यदि तीन से चार दिन का समय मिलता तो शायद स्थितियां कुछ और हो सकती है।

वही पुल गिरने के मामले में एक महत्वपूर्ण बात सामने आ रही है की पुल के जो हिस्सा टूटकर गिरा है वह पुल के सबसे बीच का नदी के सबसे अधिक गहराई और बहाव क्षेत्र का है जिसमें सूत्रों के अनुसार अनूपपुर में सोन नदी पर बने बांध के ओवरफ्लो होने पर छोड़े गए पानी के कारण अचानक से बढ़े जलस्तर को भी एक कारण बताया जा रहा है। बहरहाल घटना में किसी भी प्रकार के जान और माल का नुकसान नहीं हुआ है लेकिन लोगों को पुल से होने वाली सुविधा में देरी जरूर हो सकती है।

क्या ठेकेदार की मनमानी के कारण हुई घटना ?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, उपयंत्री एलपी पयासी, कंसल्टेंसी इंजीनियर ए आर ई एन डी बी प्रोजेक्ट राजकुमार द्विवेदी पत्राचार के माध्यम से ठेकेदार श्री राम कंस्ट्रक्शन कंपनी को पी 3 से पी 4 के बीच की स्लैब निर्माण को रोकने के लिए लगातार कहा गया। लेकिन ठेकेदार ने अपनी जिम्मेदारी पर निर्माण को बादस्तूर जारी रखा और कल वही हुआ जिसकी चिंता विभाग लगातार कर रहा था। बहरहाल पुल गिरने के गुणवत्ता जैसे कारणों की जानकारी विशेषज्ञों की टीम की जांच के बाद भी कहा जा सकता है।

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