अग्निपथ योजना : प्रधानमंत्री युवाओं की बात सुनने की बजाए चुप क्यों हैं – ओझा

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर
कांग्रेस भवन में आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए एआईसीसी नेत्री एवं महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं की बात सुनने की बजाए चुप क्यों हैं क्योंकि तुगलकी सरकार पहले फैसला करती है और बाद में सोचती है। पत्रकारवार्ता में संसदीय सचिव एवं विधायक विकास उपाध्याय, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री प्रशासन रवि घोष, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री संगठन अमरजीत चावला, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, वंदना राजपूत, अजय गंगवानी, मणि प्रकाश वैष्णव उपस्थित थे।

उन्होंने कहा कि हम अग्निवीर योजना को तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग करते हैं। प्रधानमंत्री युवाओं की बात क्यों नहीं सुन रहे हैं? वह चुप क्यों है? हम उनसे उनके अहंकार को त्यागने का निवेदन करते हैं। उनके इसी अहंकार ने किसान आंदोलन के दौरान 700 किसानों की जान ली थी। देश हित में, हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस इतिहास को दोहराया नहीं जाना चाहिए और प्रधानमंत्री द्वारा अपनी गलती मानते हुए इस युवा और राष्ट्र विरोधी योजना को वापस लिया जाए। यह तुगलकी सरकार पहले फैसला करती है और बाद में सोचती है। अग्निपथ योजना के मामले में भी अनेक बदलाव आ चुके हैं, लेकिन भारत के युवा इसे वापिस लेने की मांग कर रहे हैं। आज देश को बचाने की जरूरत है, परंतु यह सरकार पैसे बचाने में लगी है। युवा, पूर्व सैनिक तथा रक्षा विशेषज्ञ, सभी हितधारकों ने मोदी सरकार की इस अग्निपथ योजना को नकार कर दिया है। अनेक सेवारत अधिकारियों ने निजी तौर पर इस संबंध में अपनी चिंता व्यक्त की है। हम सेना के विरुद्ध एक शब्द भी नहीं कहते। हम अपने सशस्त्र बलों के कल्याण और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति चिंतित हैं।

अग्निपथ योजना अभी तक भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई एक अन्य गलत योजना है, जो मौजूदा समस्याओं का समाधान किए बिना भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नई समस्याएं पैदा करेगी। अग्निवीरों के लिए प्रशिक्षण की अल्प अवधि (6 महीने) का हमारे सशस्त्र बलों की गुणवत्ता, दक्षता और प्रभावशीलता पर नकारात्मक असर पड़ेगा। व्यवहार और वेतन/लाभ के दो पैमाने निष्पक्षता के सभी मानदंडों का उल्लंघन है। यह भेदभाव सशस्त्र बलों और उनमें अनुशासन के लिए कई अप्रत्याशित और गंभीर समस्याएं पैदा करेगा।

उन्होंने कहा कि देश में निवेश नहीं हो रहा है, उद्योग नहीं लग रहे, अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है, लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। देश के करोड़ों युवा बेरोजगारी झेल रहे हैं, पर सरकार बिल्कुल बेपरवाह है और सरकारी आंकड़ों के अनुसार आज देश में 62 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियों के पद खाली पड़े हैं, जिनमें से 26 लाख तो केवल केन्द्र सरकार की नौकरियाँ हैं। यह सरकार जवानों को केवल चार साल के बाद रिटायर करके, जनरल बिपिन रावत, सीडीएस का भी अपमान कर रही है। उन्होंने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि सेना में सैनिक 17 साल के बाद में काम करके रिटायर हो जाते हैं, तो उनको रिटायरमेंट की एज बढ़ानी चाहिए। उन्होंने एक सर्कुलर भी निकाला था। इस प्रकार अग्निपथ स्कीम उनकी सोच और इच्छा का सीधा अपमान है।

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