नई दिल्ली
महाराष्ट्र में जारी सत्ता संघर्ष का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। राज्यपाल के फ्लोर टेस्ट के आदेश के खिलाफ शिवसेना सुप्रीम कोर्ट में है। वहीं इसी बीच जेल में बंद महाराष्ट्र के विधायक अनिक देशमुख और नवाब मलिक ने भी सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनकी मांग है कि फ्लोर टेस्ट होने पर वे मतदान करना चाहते हैं। दरअसल, जेल में बंद महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे नवाब मलिक और राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों नेताओं ने महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट में शामिल होने के लिए अनुमति मांगी है। शीर्ष न्यायालय आज शाम उनकी याचिका पर सुनवाई करेगा।
इससे पहले नवाब मलिक और अनिल देशमुख ने राज्यसभा चुनाव के समय ऐसी ही अर्जी बॉम्बे है कोर्ट में लगाई थी लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवाब मलिक को मतदान की मंजूरी न देने वाले सत्र न्यायालय के फैसले को ही जारी रखा था। फिलहाल अब एक बार फिर इन दोनों ने मौके की नजाकत को देखते है सुप्रीम कोर्ट से इसकी मांग की है। उधर महाराष्ट्र की सियासी लड़ाई में अब उद्धव सरकार के सामने बड़ी चुनौती आ गई है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने गुरुवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का ऐलान किया है। भाजपा की मांग पर राज्यपाल ने कहा कि 30 जुलाई यानी गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होगा। फ्लोर टेस्ट सुबह 11 बजे शुरू होगा और किसी भी सूरत में 5 बजे से पहले इसे पूरा कर लिया जाए।
वहीं राज्यपाल के इस आदेश के खिलाफ शिवसेना सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। ऐसे में देखना है कि उद्धव सरकार कैसे सदन में बहुमत साबित करती है। हालांकि फ्लोर टेस्ट से पहले पार्टियों ने विधायकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की कवायद जारी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों को मुंबई में रहने के लिए कहा है। भाजपा ने भी अपने विधायकों को मुंबई रहने के लिए कहा था जबकि शिंदे गुट के विधायक भी सुबह तक मुंबई पहुंच सकते हैं।
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