उदयपुर
उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के खिलाफ पूरे देश में गुस्सा है। दोनों आरोपियों, गौस मोहम्मद और रियाज अहमद को मंगलवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। दोनों से पूछताछ की जा रही है। केंद्र सरकार ने केस राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में गॉस मोहम्मद और रियाज अहमद को लेकर बड़ा खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि गॉस मोहम्मद और रियाज अहमद पाकिस्तान के स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहे थे। इनके साथ और भी लोगों के होने का पता चला है, जिनकी धरपकड़ शुरू हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपी पाकिस्तान स्थित एक मुस्लिम कट्टरपंथी संगठन दावत-ए-इस्लामी से जुड़े हैं।
आरोपी गौस मोहम्मद और रियाज अहमद को मंगलवार रात गिरफ्तार किया गया।उन्हें राजसमंद जिले के भीम इलाके से पकड़ा गया। राजसमंद उदयपुर का पड़ोसी जिला है। आरोपी खानजीपीर में वेल्डिंग की दुकान पर काम करता था। भीलवाड़ा का रहने वाला रियाज खानजीपीर, उदयपुर में किराए के मकान में रहता था, वहीं घौस राजसमंद के भीमा का रहने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, अब दोनों के पाकिस्तान कनेक्शन की जांच की जा रही है।
आरोपियों द्वारा धमकी देने वाला वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अब पीएम मोदी की जान को खतरे का आकलन करने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। वहीं भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा पुख्ता है। भाजपा ने इसे आतंकी घटना बताते हुए राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधा।
पीएफआई को लेकर भी जताया जा रहा संदेह
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से देश में होने वाले हर एक दंगे में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया संगठन का कनेक्शन निकल रहा है। राजस्थान की करौली में हुई घटना के तार भी इसी संगठन के साथ जोड़कर देखे जा रहे थे। लिहाजा उदयपुर में हुई घटना के बाद एक बार फिर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई की ओर शक की सुई घूम रही है। बता दें कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया एक कट्टर इस्लामिक संगठन है। यह खुद को पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकार के लिए आवाज उठाने वाला बताता है, लेकिन देश के कई राज्यों में हुए दंगों में इस संगठन का कनेक्शन पाया गया है।
हत्यारे पकड़े गए पर मोटिव पूरी तरह सामने नहीं आया
उल्लेखनीय है कि टेलर कन्हैयालाल की गला रेत कर हत्या करने वाले हत्यारों को राजस्थान पुलिस ने राजसमंद जिले से 4 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया था। अब गिरफ्तारी किए गए हत्याऱों से लगातार पूछताछ की जा रही है। वहीं घटना में जिस पड़ोसी नजिम का जिक्र आ रहा है, उससे इनका क्या कनेक्शन था। फिलहाल इस संबंध में भी पुख्ता सूचना नहीं मिली है। वहीं अभी तक हत्या का मोटिव भी पूरी तरह क्लीयर नहीं हुआ है, बहरहाल जांच जारी है।
गृह मंत्रालय के साथ सीएम गहलोत भी कह चुके हैं…
उल्लेखनीय है कि जहां मामले में एनआईए की ओर से आतंकी संगठन के शामिल होने का शक जताया जा रहा है। वहीं इसी बीच सीएम अशोक गहलोत ने भी मीडिया को दिए अपने बयान में इसमें किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय संगठन के शामिल होने का संदेह जताया है। सीएम गहलोत का कहना है कि राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े लिंक के बिना ऐसा होना संभव नहीं है। वहीं गृह मंत्रालय भी एनआईए की जांच इसी ओर बढ़ने की बात कह रहा है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

