तेहरान
ईरान में शनिवार को भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। दक्षिणी इलाके में एक गांव में इमारत धराशायी हो गई, जिसकी चेपट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई और 19 घायल हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। ऐसे में मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी की आशंका है।
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने कहा कि रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई। भूकंप का केंद्र होर्मोजगन प्रांत के बंदरगाह शहर से दक्षिण-पश्चिम में 100 किलोमीटर (60 मील) दूर था। झटके अन्य शहरों में भी महसूस किए गए। पिछले साल नवंबर में होर्मोजगन प्रांत में 6.4 और 6.3 तीव्रता के भूकंप आए थे, तब एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। कई टेक्टोनिक प्लेटों के किनारे पर स्थित ईरान मजबूत भूकंपीय गतिविधि का क्षेत्र है। ईरान का सबसे घातक भूकंप 1990 में आया, जिसकी तीव्रता 7.4 थी। इस प्राकृतकि आपदा के चलते 40,000 लोग मारे गए थे।
क्यों आता है भूकंप?
धरती की प्लेटों के टकराने से। हमें पृथ्वी की संरचना को समझना होगा। पूरी धरती 12 टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। इसके नीचे तरल पदार्थ लावा है। ये प्लेटें इसी लावे पर तैर रही हैं और इनके टकराने से ऊर्जा निकलती है जिसे भूकंप कहते हैं।
लेकिन प्लेटें क्यों टकराती हैं?
दरअसल ये प्लेंटे बेहद धीरे-धीरे घूमती रहती हैं। इस तरह ये हर साल 4-5 मिमी अपने स्थान से खिसक जाती हैं। कोई प्लेट दूसरी प्लेट के निकट जाती है तो कोई दूर हो जाती है। ऐसे में कभी-कभी ये टकरा भी जाती हैं।
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