लखनऊ
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की असिस्टेंट बोरिंग टेक्नीशियन कोआपरेटिव परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह ने सेंधमारी की कोशिश की। एसटीएफ ने रविवार शाम लखनऊ के विकासनगर स्थित महावीर इंटर कॉलेज से मूल अभ्यर्थी संजय नाविक और सॉल्वर अंकेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। अंकेश कक्ष में संजय के स्थान पर पेपर दे रहा था। दोनों के पास ओएमआर सीट, दो प्रवेश पत्र, वीजा कार्ड समेत कई और चीजें मिली हैं। गिरोह के और सदस्यों के बारे में भी एसटीएफ को जानकारियां मिली हैं। एसटीएफ डिप्टी एसपी प्रमेश शुक्ला के मुताबिक पता चला था कि बिहार के नकल माफिया ने सॉल्वर भेजा है जो रविवार विकासनगर सेक्टर-एन स्थित महावीर इंटर कॉलेज, कुर्सी रोड पर जौनपुर के बलुआ निवासी संजय नाविक की जगह पर परीक्षा देने गया है। एसटीएफ को अभ्यर्थी संजय बाहर मिल गया। उसने बताया कि उसकी जगह गया स्थित बथानी निवासी अंकेश परीक्षा दे रहा है। इंस्पेक्टर शैलेन्द्र ने कमरे से अंकेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
अभ्यर्थी से तीन लाख रुपये सॉल्वर बैठाने के लिये वसूले
संजय नाविक ने एसटीएफ को बताया कि जौनपुर के चन्दवक निवासी स्वामीकान्त यादव उर्फ सोनू यादव ने परीक्षा में अपनी जगह सॉल्वर बैठाने के लिये तीन लाख रुपये मांगे। बात तय होने पर 20 हजार रुपये सॉल्वर को पहले देने को कहा गया, बाकी रकम परीक्षा का परिणाम आने के बाद देना तय हुआ। अंकेश ने एसटीएफ को बताया कि नालन्दा निवासी राजन उर्फ टुनटुन गैंग का सरगना है। वह राजन के कहने पर पहले भी परीक्षा दे चुका है। सोनू प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर बैठाने के लिये राजन से सम्पर्क करता है। फिर राजन फोटो मिक्सिंग कराकर फर्जी दस्तावेज बनाकर सॉल्वर देता है। सोनू की फर्जी दस्तावेजों से परीक्षार्थी का फार्म भरवाता है जिससे फोटो मिलान होने पर पता न चल सके।
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