बंगाल के लोग चुप्पी तोड़ें, आखिरी सांस ले रहा लोकतंत्र, ममता सरकार पर राज्यपाल धनखड़ का गंभीर आरोप

देश

कोलकाता
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भाजपा द्वारा आयोजित श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती कार्यक्रम में ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं बंगाल के बुद्धिजीवियों से अपील करता हूं कि वे चुप न रहें, उन्हें हमारे पास मौजूद लोकतांत्रिक मूल्यों के हो रहे क्षय पर चुप्पी तोड़नी चाहिए। राज्य में लोकतंत्र आखिरी सांस ले रहा है। कार्यक्रम में बोलते हुए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा, "भारत मां के इस महान सपूत (डॉ. श्यामप्रसाद मुखर्जी) के महान प्रयासों से विभाजन के समय जो खतरा था, उसे बेअसर किया जा सकता है। अब खतरे मंडरा रहे हैं और उनके प्रयासों से हमें जो विरासत मिली है, उसे कई क्षेत्रों से खतरे में डाला जा रहा है। लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा अत्यधिक तुष्टीकरण और सांप्रदायिक संरक्षण है, इसे हम होने नहीं दे सकते।" कार्यक्रम का आयोजन भाजपा द्वारा कोलकाता में रेड रोड पर किया गया था और इसमें पार्टी की राज्य इकाई के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया था, जिसमें राज्य भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक शामिल थे। मनोज तिग्गा आदि शामिल रहे।

बंगाल के बुद्धिजीवी चुप्पी तोड़े
धनखड़ ने कहा, “आज मैं बंगाली बुद्धिजीवियों से अपील करता हूं कि वे चुप न रहें। उन्हें हमारे पास मौजूद लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षय की चुप्पी तोड़नी चाहिए। हम मानवाधिकारों के उल्लंघन की प्रयोगशाला बन गए हैं। हम इस राज्य को अनुमति नहीं दे सकते जहां लोकतंत्र आखिरी सांस ले रहा है। ” गौरतलब है कि जुलाई 2019 में धनखड़ को राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद से ही उनका टीएमसी सरकार के साथ कटु संबंध जगजाहिर हैं। हाल के दिनों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल को ट्विटर पर अनफॉलो भी किया था।  इस साल जून में पश्चिम बंगाल विधानसभा ने राज्यपाल की जगह 17 राज्य संचालित विश्वविद्यालयों के मुख्यमंत्री को चांसलर बनाने की मांग करते हुए एक विधेयक पारित किया था।
 
मुझे संविधान और कानून की रक्षा करनी हैः धनखड़
धनखड़ ने कहा, “मैं लोकतंत्र को नष्ट नहीं होने दूंगा। यह मेरी संवैधानिक शपथ है और मुझे संविधान और कानून की रक्षा करनी है। पिछले तीन वर्षों में बहुत ठोस चीजें हुई हैं। डर लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन है और जीवन के अधिकार के लिए सबसे बड़ा खतरा है। मैं चारों ओर इस हद तक डर देख रहा हूं कि हम डर के बारे में बात नहीं कर सकते।”

टीएमसी के राज्यपाल पर आरोप
टीएमसी हमेशा राज्यपाल धनखड़ पर भाजपा का मुखपत्र होने का आरोप लगाती रही है। टीएमसी ने पलटवार करते हुए कहा कि बंगाली बुद्धिजीवियों को राज्यपाल के पद को समाप्त करने की मांग करनी चाहिए। टीएमसी सांसद सौगत राय ने कहा, “मैंने सुना है कि राज्यपाल ने बंगाली बुद्धिजीवियों से अपील की। मैं भी उनसे राज्यपाल के पद को समाप्त करने की मांग उठाने की अपील करूंगा। राज्यपाल एक सफेद हाथी है जो राजभवन में रह रहा है, भोजन कर रहा है और करदाता के पैसे का उपयोग करके राज्य का दौरा कर रहा है। बंगाल के लोगों को यह बर्दाश्त नहीं करना चाहिए कि एक मनोनीत मुखिया राज्य में एक चुनी हुई सरकार के खिलाफ जहर उगले।”

 

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