अयोध्या
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण के साथ रामजन्मभूमि की संघर्ष गाथा के डाक्यूमेंट्री निर्माण की योजना पर भी कदम आगे बढ़ा दिया है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी प्रसार भारती को सौंपी गई है। इसके लिए विधिक रीति से अनुबंध कर दिया गया है। इस अनुबंध के बाद प्रसार भारती की टीम भी सक्रिय हो गई है। इस डाक्यूमेंट्री में 1528 ई. से लेकर राम मंदिर आंदोलन के इतिहास को समाहित किया जाएगा। इसकी पुष्टि रामजन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने स्वयं की।
उन्होंने कहा कि इतिहास लेखन का उदेश्य आने वाली पीढ़ियों को सही तथ्यों की जानकारी देना और अतीत की घटनाओं से सबक लेकर गलतियों को सुधारना और समाज में आपसी वैमनस्य को दूर कर भाईचारे को बढ़ाने में सहयोग देना है। अतीत की घटनाओं को बदला नहीं जा सकता है लेकिन वास्तविकता को सामने लाकर तदनुरूप भविष्य में खड़ी होने वाली परेशानियोंसे बचने का उपाय तो किया जा सकता है। इसीलिए रामजन्मभूमि की संघर्ष गाथा को दोबारा लिपिबद्ध करने की आवश्यकता महसूस हुई। इसकी जिम्मेदारी विश्वसनीय संस्था को दी गई है।
राम मंदिर के फर्श निर्माण के छठे लेयर का भी काम शुुरू
ट्रस्ट महासचिव ने बताया कि राम मंदिर निर्माण का काम प्रगति पर है। मंदिर के फर्श को 21 फिट ऊंचा उठाने का काम तेज गति से चल रहा है और सोमवार से छठे लेयर पर भी ग्रेनाइट पत्थरों की सेटिंग का काम शुरू कर दिया गया है। फर्श की सम्पूर्ण ऊंचाई बढ़ाने के लिए पांच गुणा, ढाई गुणा, तीन फिट के लंबे-चौड़े व ऊंचे 17 हजार ग्रेनाइट के ब्लाकों की सेटिंग होनी है।
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