रायपुर
कोरोना काल के दो साल बाद मुस्लिम समाज के लोगों में उत्साह देखा गया और कुबार्नी का पर्व बकरीद (ईद-उल-अजहा) के अवसर पर लाखेनगर स्थित ईदगाह मैदान में नमाज पढ़ने भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज पढ़कर मस्जिद से बाहर निकलते ही एक दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हुए अमन, चैन का पैगाम दिया।
इस्लाम धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक माने जाने वाला कुबार्नी का पर्व बकरीद (ईद-उल-अजहा) रविवार को श्रद्धा, उल्लास से मनाया गया। राजधानी के विविध मस्जिदों में सुबह से बकरीद की विशेष नमाज अता करने का सिलसिला शुरू हुआ और मुख्य नमाज लाखेनगर स्थित ईदगाह मैदान में 9.30 बजे से ही लोग पहुंचने लगे थे ताकि जगह मिल जाए। 10 बजे नमाज शुरू हुई जो 10.30 बजे तक चली। नमाज पढ़कर मस्जिद से बाहर निकलते ही एक दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। ईदगाह मैदान में कोरोना काल के बाद यहां नमाज पढ़ी गई जहां नमाज पढ?े मुस्लिम समाज के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
बैजनाथ पारा, छोटा पारा, सदर बाजार, संजय नगर की मस्जिदों में दो-दो जमात की नमाज रखी गई। इससे पहले बैजनाथपारा के मदरसा ईस्लाहुल मुस्लेमीन व दारुल यतामा, मुस्लिम यतीमखाना में भी उत्साह रहा। इसके अलावा 15-15 मिनट के अंतराल में राजधानी में स्थित 51 मजिस्जदों में नमाज अदा की गई और एक–दूसरों को गले गले लगाकर मुबारकबाद देने के बाद अमन, चैन का पैगाम दिया।
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