नई दिल्ली
भारत जल्द ही अंतरिक्ष में इतिहास रचने वाला है। सरकार ने अगले साल यानी 2023 में गगनयान मिशन को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी की है। इस मिशन में इंसानों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस मिशन से जुड़े दो ट्रायल इस साल के अंत तक ही कर लिए जाएंगे, जिसके बाद अगले साल एक या दो भारतीयों को अंतरिक्ष भेजा जाएगा।
वायुसेना के पायलट्स को दी ट्रेनिंग
डॉ. सिंह के मुताबिक, तीसरे मिशन की स्पेस फ्लाइट में दो इंसानों को भेजा जा सकेगा। ये लोग 7 दिन तक अंतरिक्ष में रहेंगे। मिशन के लिए भारतीय वायुसेना के चार पायलट्स को रूस भेजकर स्पेस ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग भी दी गई है। इन एस्ट्रोनॉट्स को 'गगनॉट्स' बुलाया जाएगा।
भारतीय वायुसेना के चार पायलट्स में एक ग्रुप कैप्टन हैं। बाकी तीन विंग कमांडर हैं, जिन्हें गगनयान मिशन के लिए तैयार किया जा रहा है। अभी इन्हें बेंगलुरू में गगनयान मॉड्यूल की ट्रेनिंग दी जाएगी।
गगनयान पर 10 हजार करोड़ का खर्च आएगा
गगनयान मिशन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2018 को लालकिले से की थी। मिशन पर करीब 10 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसके लिए 2018 में ही यूनियन कैबिनेट ने मंजूरी दे दी थी। भारतीय एस्ट्रोनॉट्स 7 दिन पृथ्वी के लोअर ऑर्बिट के चकार लगाएंगे। इनकी ट्रेनिंग के लिए ISRO ने रूस की अंतरिक्ष एजेंसी ग्लावकॉस्मोस से समझौता किया है।
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